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'मोदी झूठ बोलते हैं, वह फकीर नहीं हैं, वह बड़े दौलतमंद हैं'

Mon, 12 Dec 2016 03:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
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नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने पीएम नरेंद्र मोदी पर सियासी तीर चलाते हुए कहा कि देश के बादशाह झूठ बोलते हैं, वह फकीर नहीं हैं, वह बड़े दौलतमंद हैं। उन्हें झोला लेकर भागने नहीं दिया जाएगा।
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नगर विकास मंत्री आजम खां रविवार को मोहल्ला रसूलपुर स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में आयोजित आसरा योजना शहरी गरीबों को निशुल्क आवास वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनसभा में कहा कि नोटबंदी के चलते छुपा हुआ पैसा पकड़ा जा रहा है, अच्छी बात है, लेकिन हैरत यह है कि असली चोर हाथ नहीं आया है।

गुजरात में पकड़े गये नये नोट कहां से आये, इसका जवाब चाहिए। गुजरात में तो कोई सपा का नहीं है। वहां भाजपा की ही सरकार है। 15 हजार करोड़ रुपया गुजरात के एक आदमी से मिला। उसने कहा कि वह अपराधी नहीं है वह कमीशन पर उस पैसे का चौकीदार है। उसको जनता के सामने लाकर पूछा जाए। 
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उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव आने दीजिये। आप के पास कितनी संपत्ति है, सबका खुलासा किया जाएगा। आजम ने कहा कि प्रधानमंत्री को झोला लेकर अमेरिका नहीं भागने देंगे। झोला तो सीएम अखिलेश को ही देकर जाना पड़ेगा।
 
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पीएम मोदी चाय नहीं बनाते थे

आजम खां - फोटो : amar ujala
उन्होंने नवाब खानदान पर हमला बोलते हुए कहा कि इस खानदान ने उनकी हत्या कराने के लिये कई बार षड़यंत्र रचा था। लेकिन जाके राखो साइयां मार सके न कोए। क्योंकि ऊपर वाले को यूनिवर्सिटी बनवानी थी, बच्चों को तालीम दिलवानी थी, इसलिये जिंदा हूं। अय्याशी के लिये खून बहाने वाले नवाब की करतूतों की काली स्याही कोठीखास बाग में आज भी मौजूद सौ बेगमों की कब्रगाह हैं। 

हमारी सरकार में बदमाश शूटर रामपुर छोड़कर भाग गये। सरकारी जमीनों पर कब्जा हटवाकर गरीबों को छतें दी है। जेल के बाहर बनी मस्जिद से हमारे मरने की दुआ भी की गई। हमारे रामपुर में किसी की सोने की चेन नहीं खींची जाती। अगर चेन खिंचती है तो थाना, कोतवाली या तो चेन देता है या फिर चोर पकड़ कर लाता है। 

आजम खां ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि देश का बादशाह चाय नहीं बनाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बादशाह ने चाय बेचकर नहीं गोमांस पर जनता को गुमराह कर कुर्सी हासिल की है। सच्चाई यह है कि आधे हिंदुस्तान में गोमांस बिकता है। 

मोदी के पीएम बनने के बाद देश में ढाई गुना गोमांस का कारोबार बढ़ गया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण हमारी अर्थव्यवस्था नीचे आने वाली है। जौहर यूनिवर्सिटी में लगभग साढ़े चार हजार मजदूरों को रोजगार मिल रहा था। सबको वापस भेज दिया, क्योंकि हमारे पास पैसा नहीं है। मेडिकल कालेज का काम भी रोक देना पड़ा है और टीचर, डाक्टरों को भी मना कर दिया गया है कि हमारे पास उनको देने के लिये वेतन की व्यवस्था नहीं है।
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