8 नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोटों को अमान्य करार देने के बाद बैकों में अब तक 14 लाख करोड़ के पुराने नोट वापस आ चुके हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब बस 75,000 हजार करोड़ रुपए ही पुराने नोट के रुप में बाहर हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक सरकार ने 8 नवंबर को जब नोटबंदी का फैसला लिया था तो उसे उम्मीद थी कि पुराने नोट के रुप में मौजूद कुल रकम का 20 प्रतिशत हिस्सा मतलब करीब 3 लाख करोड़ रुपये बैंको में वापस नहीं आएंगें। लेकिन अबतक पुराने नोट के रुप में मौजूद कुल रकम का 97 प्रतिशत, लगभग 14 लाख करोड़ रुपया बैंको में वापस आ चुका है।
अधिकारी ने बताया कि, नोटबंदी के बाद अब तक 10 लाख करोड़ रुपये के नए नोट बैंको को आरबीआई से भेजा जा चुका है। नोटबंदी के बाद नकदी कि किल्लत से लोगं को हो रही समस्या को जल्द दूर करने के लिए सरकार ने आरबीआई से पूछा कि, क्या वह अपने भंडार से 75 हजार करोड़ रुपये बैंको को जारी कर सकता है।