नोटबंदी का सबसे बुरा असर सूक्ष्म और लघु उद्योग पर पड़ता दिखाई दे रहा है। 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लागू होने के 34 दिन के भीतर ही सूक्ष्म और लघु उद्योग में काम करने वाले 35 फीसदी लोगों की नौकरियां चली गई। साथ ही इस सूक्ष्म और लघु उद्योग का मुनाफा भी 50 प्रतिशत तक कम हो गया।
ये आकंड़े भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की सबसे बड़ी संस्था, ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन (एआईएमओ) ने जारी किए हैं। एआईएमओ ने अपने अध्यन में बताया कि अभी यह संकट और गहराएगा और मार्च महीने से पहले इस क्षेत्र में रोजगार में 60 फीसदी गिरावट आएगी, साथ ही मुनाफे में भी 55 फीसदी की गिरावट की आशंका है।
एआईएमओ संस्था, सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े स्तर के उद्योग में काम कर रही 3 लाख से ज्यादा कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। संस्था ने अपने अध्ययन में कहा कि, नोटबंदी का असर यूं तो सभी उद्योगों पर पड़ा है लेकिन सूक्ष्म और लघु उद्योग पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है।