एनआईए की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने मंगलवार को 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले के एक आरोपी की अपने नाम के आगे ‘श्री’ लगाने की मांग खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक अविनाश रसाल ने कहा, अदालत ने दयानंद पांडे उर्फ शंकराचार्य के उसके नाम के आगे श्री लगाने के आवेदन को खारिज कर दिया।
पांडे ने कोर्ट में याचिका दायर कर श्री लगाने की इजाजत देने की मांग की थी, उसका कहना था कि गरिमा से जीने का अधिकार है और उसे कभी किसी मामले में दोषी नहीं करार दिया गया है। रसाल ने हालांकि बांबे हाईकोर्ट के एस सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी वादी के नाम के आगे श्री या अन्य कोई विशेषण नहीं लगाया जा सकता है।
यहां तक पूर्व प्रधानमंत्रियों के नाम के आगे भी कई मामलों में श्री नहीं लगाया गया। इस तर्क को स्वीकार करते हुए अदालत ने पांडे की याचिका खारिज कर दी। मालूम हो कि इस धमाके में छह लोग मारे गए थे और 100 घायल हुए थे।