महाशिवरात्रि पर ध्यान में लीन गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर
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महाशिवरात्रि के अवसर पर बंगलुरू स्थित आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय आश्रम गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर की मौजूदगी में गुरुपादुकावनम पवित्र मंत्रों, संगीत, ज्ञान व ध्यान से गूंज उठा। इस मौके पर रुद्राभिषेक में भक्त जन ध्यान और मौन में आनंदित होकर लीन हो गए।
माना जाता है कि वैदिक मंत्रों के साथ होने वाले रुद्राभिषेक से वातावरण पवित्र होता है और नकारात्मकता दूर होती है। महाशिवरात्रि पर सृष्टि का कल्याण करने वाले भगवान शिव की विशेष आराधना की जाती है।
शिव पूरी सृष्टि के ध्यान स्वरूप
गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का कहना है कि शिव बहुत ही सहज हैं, उन्हे केवल बेल पत्र अर्पित करने होते हैं। शिवरात्रि शिव की शरण में आने की रात है। शिव शांंति हैं, अनंतता, सुंदरता के प्रतीक और अद्वैत हैं। शिव में आश्रय लो क्योंकि शिव ही तुम्हारा स्वरूप हैं क्योंकि वह इस पूरी सृष्टि का ध्यान स्वरूप हैं।