दिल्ली पुलिस के एक जिम्मेदार अधिकारी के तौर पर काम कर चुके वेद भूषण ने कहा कि हिंसा के पैटर्न को देखते हुए यह समझ आता है कि यह सोची-समझी साजिश का नतीजा है। जिस तरह लोगों के घरों पर पत्थर-पेट्रोल बम और हथियारों की तैनाती की बात सामने आई है, उससे यह समझ आता है कि कुछ लोग माहौल खराब करना चाहते थे। ऐसी हिंसा को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होता है। लेकिन पुलिस की सतर्कता से नुकसान को बहुत कम अवश्य किया जा सकता है।