दिल्ली हिंसा में उपद्रवियों ने आम लोगों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि उन्होंने सुरक्षा बलों को भी निशाना बनाने के लिए बड़ी साजिश रची थी। हिंसा प्रभावित इलाकों में जब सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान लोगों को बचाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तो उन पर छतों से तेजाब डाला गया।
मंगलवार को एसएसबी के आधा दर्जन जवान उपद्रवियों के तेजाबी हमले में घायल हो गए। उनमें से कुछ जवानों को एलएनजेपी अस्पताल में ले जाया गया, जबकि बाकी का इलाज कहीं बाहर हो रहा है। एसएसबी सूत्रों के अनुसार, इस हमले को लेकर दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय में हुई बैठक के बाद जब हिंसाग्रस्त इलाकों में अर्धसैनिक बलों की कंपनियां रवाना की गईं, तो उसमें अन्य बलों के साथ एसएसबी भी थी। इस बल की छह कंपनियां दिल्ली के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में तैनात की गई। एसएसबी के जवानों ने न केवल घायलों को अस्पताल पहुंचाया, बल्कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से अनेक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में भी कामयाबी हासिल की।
सीआरपीएफ और दूसरे अर्धसैनिक बलों की कंपनियां भी हिंसाग्रस्त इलाकों में लगी थीं। मंगलवार को दोपहर बाद एसएसबी के जवान जब शिव विहार में एक गली से पीड़ितों को निकाल रहे थे, तो छत से उपद्रवियों ने उनके ऊपर तेजाब फेंक दिया। इसमें करीब आधा दर्जन जवान झुलस गए। चार जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि बाकी का इलाज किसी दूसरी जगह पर कराया गया।
एसएसबी जवानों के साथ उनके उपनिरीक्षक भी साथ थे। कुछ ऐसी ही हरकत सीआरपीएफ की एक कंपनी के साथ भी हुई थी। हालांकि उसमें तेजाब नहीं डाला गया, बल्कि छतों से नुकीले पदाथों के जरिये जवानों को घायल करने की कोशिश की गई।
छतों से ही जवानों पर पत्थरों और कंचों से भी हमला किया गया। ये केवल शिव विहार में ही नहीं, बल्कि जाफराबाद, मौजपुर, चांदबाग, बाबरपुर और गोकुलपुरी में भी सुरक्षा बलों पर अलग -लग तरह से हमले की कोशिश की गई।