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Pollution: कृत्रिम बारिश से कंट्रोल होगा दिल्ली का प्रदूषण, साफ हवा के लिए 25 प्वाइंट फॉर्मूला तैयार

Tue, 03 Jun 2025 08:53 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वायु प्रदूषण कई कारणों से होता है। बारिश के कुछ दिनों को छोड़कर यह साल भर चलता रहता है। इसलिए प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए साल भर चलने वाले उपाय आजमाए जा रहे हैं।
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, साथ में मंत्री कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा और आशीष सूद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली को वायु प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए इस बार कई प्रयोग किये जा रहे हैं। इसमें प्रदूषण बढ़ने पर क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) सबसे अलग होगा। वायु प्रदूषण बढ़ने पर बादलों से कृत्रिम बारिश कराकर प्रदूषण को कम करने की कोशिश की जाएगी। दिल्ली की ऊंची बिल्डिंगों पर स्मॉग गन लगाने सहित 25 बिंदुओं पर काम करके दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त कराने की कोशिश की जाएगी। 
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वायु प्रदूषण कई कारणों से होता है। बारिश के कुछ दिनों को छोड़कर यह साल भर चलता रहता है। इसलिए प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए साल भर चलने वाले उपाय आजमाए जा रहे हैं। इससे दिल्ली को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। 

ऑड-इवेन असफल योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के द्वारा ऑड-इवेन योजना को लागू किया गया था। लेकिन इससे प्रदूषण को रोकने में कोई लाभ नहीं हुआ, उलटे जिन लोगों के पास एक ही वाहन थे, उन्हें बाहर निकलने में दिक्कतें हुईं। सरकार इस तरह की कोई योजना नहीं बनाएगी जिससे लोगों को परेशानी हो। 
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क्या हैं प्रमुख उपाय- 
बादलों से कृत्रिम बारिश कराकर वायु प्रदूषण को कम करने की कोशिश की जाएगी।
1000 ऊंचे भवनों से वाटर स्प्रिंकलर और 140 स्मॉग गन से प्रदूषण कंट्रोल किया जाएगा।
सड़कों की मरम्मत की जाएगी। टूटी-फूटी सड़कों के कारण वाहनों के आने-जाने में भारी वायु प्रदूषण होता है।
सड़कों की सफाई, पानी के छिड़काव और हरियाली बढ़ाकर प्रदूषण कम किया जाएगा।
अपनी उम्र सीमा पार कर चुके पुराने वाहनों को सड़कों से हटाया जाएगा। 
निर्माण कार्यों के दौरान भी धूल कणों से पैदा होने वाले प्रदूषण को रोकने के उपाय होंगे।  
दूसरे राज्यों के पुराने वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश से रोका जाएगा।
पीयूसी सर्टिफिकेट को देने में कठोरता बरती जाएगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। 
सार्वजनिक ई-बसें, ई-ऑटो चलाने पर जोर दिया जाएगा। 
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