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Delhi Blast: क्या किसी बड़ी साजिश का नतीजा है दिल्ली में हुआ धमाका, किन बिंदुओं पर जांच कर रहीं एजेंसियां?

Mon, 21 Oct 2024 04:04 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi Blast: दिल्ली के रोहिणी इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए धमाके की दिल्ली पुलिस, एनआईए और एनएसजी की टीमें जांच कर रही हैं, जिसमें आतंकी हमले का एंगल भी शामिल है। यह धमाका रविवार को सुबह करीब सात बजे हुआ था। 
 
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दिल्ली, रोहिणी में विस्फोट - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुए धमाके की जांच तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस समेत केंद्रीय जांच एजेंसिया हर कोण से जांच कर रही हैं। पाकिस्तान से चलने वाले टेलीग्राम चैनल पर इस धमाके में खालिस्तानी उग्रवादियों के शामिल होने का दावा किया गया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसमें खालिस्तानी एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने टेलीग्राम से चैनल के बारे में जानकारी मांगी है। रविवार को हुए इस विस्फोट में सीआरपीएफ स्कूल की दीवार का एक हिस्सा और आसपास के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे, हालांकि कोई भी घायल नहीं हुआ था।
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आइये जानते हैं कि दिल्ली में धमाके की घटना कब और कहां हुई? विस्फोट किस प्रकार का था? अभी तक की जांच में क्या पता चला? पुलिस किस-किस एंगल से धमाके की जांच कर रही है?
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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में धमाके की घटना कब और कहां हुई?
नई दिल्ली के रोहिणी के पास प्रशांत विहार इलाके में रविवार सुबह (20 अक्तूबर) सीआरपीएफ स्कूल के पास एक तेज धमाका हुआ। इस स्कूल में सीआरपीएफ और अन्य अर्धसैनिक बल के परिवार के बच्चे पढ़ते हैं। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन आसपास के वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। घटना के सीसीटीवी फुटेज में धमाके की तेज आवाज सुबह करीब 7:03 बजे सुनी गई। पुलिस के अनुसार, रोहिणी सेक्टर 14 में सीआरपीएफ स्कूल के पास विस्फोट के बारे में सुबह 7:47 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक कॉल आई। इस पर, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और उनकी टीम मौके पर पहुंची, जहां स्कूल दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई। घटनास्थल से दुर्गंध आ रही थी और पास की दुकानों और पास में खड़ी कारों की खिड़कियां टूट गई थीं। 

घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने एएनआई को बताया, 'हम घर पर बैठे थे, तभी हमें एक जोरदार धमाका सुनाई दिया। पहले तो हमें समझ में नहीं आया कि क्या हुआ, हमें लगा कि कोई सिलेंडर फट गया है। फिर हम नीचे भागे और देखा कि हर जगह बहुत सारा पीला धुआं था, इसलिए हमने पुलिस को फोन किया।'

प्रत्यक्षदर्शी ने घटनास्थल पर संपत्ति के नुकसान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'सभी शीशे टूट गए थे। हमने इतना तेज धमाका सुना कि हमें लगा कि हमारी इमारत भी हिल रही है। विस्फोट के कारण हमारी पार्किंग के पास के गेट का ताला भी टूट गया।'

दिल्ली में धमाका - फोटो : अमर उजाला
धमाके के बाद क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र को तुरंत घेर लिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति के बारे में सूचित किया गया। इस बीच, वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। रोहिणी जिले की अपराध टीम, एफएसएल रोहिणी, बीडीटी, एनडीआरएफ, एनएसजी, अग्निशमन विभाग और एसडब्ल्यूएटी को सूचित किया गया और सभी टीमें मौके पर पहुंचीं।

धमाके के बाद सभी सुरक्षा एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। आतंकी मामलों की जांच करने वाली एनआईए की टीम भी मौके पर पहुंची। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने भी घटनास्थल पहुंचकर वहां जांच की। एनआईए की टीम ने सबसे पहले विस्फोट वाले जगह का मुआयना किया और साक्ष्य हासिल किए। उसके बाद टीम ने विस्फोट से हुए नुकसान वाली जगह की बारीकी से जांच की। टीम करीब दो घंटे तक घटनास्थल पर मौजूद रही। उधर घटना के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया और पुलिस ने दिवाली से पहले बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी है।

रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : भूपिंदर सिंह
घटनास्थल से क्या-क्या मिला?
धमाके वाली जगह पर मौजूद अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि कम तीव्रता वाले विस्फोटक और आमतौर पर कच्चे बमों में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्रियों के निशान पाए गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि घटनास्थल पर मिला सफेद पाउडर अमोनियम फॉस्फेट और अन्य रसायनों से बने कच्चे बम का हो सकता है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और एनएसजी के विशेषज्ञों ने इस्तेमाल किए गए सटीक रसायनों का पता लगाने के लिए विश्लेषण के लिए घटनास्थल से नमूने लिए हैं। 

एजेंसियों को घटनास्थल पर सफेद पाउडर मिला है, जिसका इस्तेमाल क्रूड बम में होने का संदेह है। हालांकि, एफएसएल, सीआरपीएफ और एनएसजी द्वारा विश्लेषण के बाद सटीक रासायनिक संरचना की पुष्टि की जाएगी। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद की गंध अमोनिया और फॉस्फेट जैसी थी। 

घटनास्थल पर तार भी मिले, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे पहले से मौजूद थे या घटना से जुड़े थे। एनएसजी अधिकारियों को विस्फोट स्थल के पास एक बैटरी और तार मिले और वे जांच कर रहे हैं कि क्या ये वस्तुएं विस्फोट से पहले रखी गई थीं। 

Delhi Rohini Blast - फोटो : अमर उजाला
अभी तक की जांच में क्या-क्या पता चला?
दिल्ली पुलिस, एनआईए और एनएसजी की टीमें विस्फोट की सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है, जिसमें संभावित आतंकी हमले का प्रयास भी शामिल है। दिल्ली पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या विस्फोट जानबूझकर किया गया था और यदि ऐसा था, तो अपराधी क्या संदेश देना चाहते थे। पुलिस अधिकारी ने एएनआई से कहा, 'दीवार की तरफ विस्फोट का तरीका और सुबह का समय बताता है कि इरादा केवल संदेश भेजना था, कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाना था।' 

शुरुआती जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच जारी रखने के लिए एफआईआर दर्ज की है। यह प्राथमिकी सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 4, भारतीय विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने एफआईआर में जिक्र किया है कि अब तक की गई जांच और अपराध स्थल के निरीक्षण से एक अज्ञात विस्फोटक पदार्थ के कारण धमाके का मामला पाया गया है।

दिल्ली पुलिस की ओर से स्कूल के पास हुए विस्फोट के कारणों पर अभी तक कोई निर्णायक बयान नहीं दिया गया है और स्पेशल सेल सहित अधिकारी जांच कर रहे हैं।

रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : अमर उजाला
घटना में क्या कोई संदिग्ध है?
एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली पुलिस ने सीआरपीएफ स्कूल विस्फोट जांच के सिलसिले में आसपास और सामने के बाजार के सभी सीसीटीवी डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध को सफेद टी-शर्ट पहने हुए घटनास्थल पर देखा जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि विस्फोट से एक रात पहले घटनास्थल पर गतिविधि देखी गई थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विस्फोटक को पॉलीथिन की थैली में लपेटकर आधा से एक फुट गहरे गड्ढे में लगाकर रखा गया था। इसके बाद गड्ढे को कचरे से ढक दिया गया था। रविवार सुबह स्कूल के पास एक तेज धमाका हुआ।

Delhi Rohini Blast - फोटो : अमर उजाला
क्या धमाके की जिम्मेदारी भी किसी ने ली है?
रविवार देर रात पाकिस्तान से चलने वाले टेलीग्राम चैनलों पर बम धमाकों के पीछे खालिस्तानी आतंकियों के हाथ होने का दावा किया गया। पाकिस्तान से चलने वाले टेलीग्राम चैनल पर इस धमाके में खालिस्तानी उग्रवादियों के शामिल होने का दावा किया गया है। टेलीग्राम चैनल 'जस्टिस लीग इंडिया' पर सीसीटीवी फुटेज डालकर बम धमाके का दावा किया गया है, उसके बाद इस मैसेज को पाकिस्तान से चलने वाले कई टेलीग्राम चैनल पर वायरल किया गया। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने टेलीग्राम को एक पत्र लिखकर 'जस्टिस लीग इंडिया' के बारे में जानकारी मांगी है। पुलिस अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रख रही है और जानकारी मांग रही है। टेलीग्राम चैनल पर धमाके की सीसीटीवी फुटेज पोस्ट की गई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने पत्र लिखा। हालांकि, टेलीग्राम की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। 
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दिल्ली ब्लास्ट - फोटो : अमर उजाला
आगे क्या?
फिलहाल इस घटना की बहु-एजेंसी जांच जारी है। घटना की आगे की जांच के लिए रविवार को एनआईए के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद थे। एक अधिकारी ने एएनआई से कहा कि अगर यह आतंकवादी हमले के प्रयास के रूप में पुष्टि की जाती है, तो मामला एनआईए को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। एजेंसियां जल्द ही घटना के संबंध में गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपेंगी। 
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