कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी का पुराना वीडियो शेयर कर सवाल उठाए हैं। दिपके ने कहा कि पुलिस गैंगस्टरों के प्रति सम्मान दिखाती है, लेकिन छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों नहीं करती।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी का पुराना वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को 'साहब' कहकर संबोधित कर रहे हैं। दिपके ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पुलिस कार्यकर्ताओं और छात्रों के साथ कैसा बर्ताव करती है।
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दिपके ने क्या कहा?
दिपके ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'लॉरेंस बिश्नोई साहब! गैंगस्टरों के लिए दिल्ली पुलिस के मन में कितना सम्मान है। काश, वे छात्रों और कार्यकर्ताओं के प्रति भी इसका 10% सम्मान दिखाते, जो सिर्फ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।'
“Lawrence Bishnoi Sahab” The respect Delhi Police has for gangsters… Wish they showed even 10% of this courtesy to students and activists who are doing nothing but protest. https://t.co/znv66dxoNI
कब का है यह वीडियो?
अगस्त 2025 के आखिर का यह वीडियो उस समय वायरल हो गया था, और अब रविवार को मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी लेने वाले एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह वीडियो फिर से सामने आया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सहयोगी बताए जाने वाले अनिल पंडित के नाम से एक संदेश सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि इस गोलीबारी की जिम्मेदारी अनिल पंडित और हरमन संधू ने ली है। इस पोस्ट की सच्चाई की जांच की जा रही है।
संदेश में क्या दावा किया गया?
संदेश में दावा किया गया है कि अभिनेता से पहले भी संपर्क करके उन्हें चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया। इसमें मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को भी धमकी दी गई है कि जो लोग गैंग की मांगों को नहीं मानेंगे या अभिनेता सलमान खान के साथ काम करना जारी रखेंगे, उन्हें अगला निशाना बनाया जा सकता है।
इस पोस्ट में विरोधी गिरोह के सदस्यों को दी गई धमकियां भी शामिल थीं, साथ ही इसमें लॉरेंस बिश्नोई समूह और उससे जुड़े कथित लोगों का जिक्र करने वाले हैशटैग भी थे। सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय पुलिस इस संदेश के स्रोत का पता लगाने और मनोरंजन जगत के सदस्यों को दी गई धमकियों की गंभीरता की जांच करने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।