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क्या दिल्ली के पहले कोतवाल को जानते हैं आप, तीन-तीन सुल्तान थे ईमानदारी के मुरीद

Tue, 05 Nov 2019 07:19 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के पहले कोतवाल - फोटो : Social Media
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दिल्ली पुलिस। बरसों से हमारी सुरक्षा में तैनात। चाहे जितने भी तीखे सवाल उठाएं, लेकिन उनके जज्बे को सलाम भी हम समय—समय पर करते आए हैं। देश की राजधानी में कानून व्यवस्था को बनाए रखना आज भी इन्हीं के कंधों पर है। करीब 80 हजार पुलिसकर्मी दिनरात हमारी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि दिल्ली का पहला कोतवाल थाना प्रभारी कौन था? नहीं...कोई बात नहीं, हम आपको इतिहास की पुरानी गलियों में ले जाकर उनसे मिलवाते हैं 

मलिक उल उमरा फखरुद्दीन पहले कोतवाल 

दिल्ली के पहले कोतवाल मलिक उल उमरा फखरुद्दीन थे। 1237 ईसवी में 40 की उम्र  में वह कोतवाल बने। उनकी ईमानदारी का आलम यह था कि वह तीन—तीन सुल्तानों के कार्यकाल में कोतवाल रहे। यही नहीं उन्हें कोतवाल के साथ उन्हें नायब ए गिब्त (रीजेंट की गैरहाजिरी में) भी नियुक्त किया गया था। एक बार जब फखरुद्दीन को रिश्वत देने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कहा, 'अगर मैं रिश्वत लूंगा, तो मेरे शब्दों की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी।' मुगलकाल में पुलिस मुख्यालय किला राय पिथौरा में हुआ करता था। इस जगह को हम अब महरौली के नाम से जानते हैं। 

दूसरे सुल्तान ने भुगता मोटापे का खामियाजा

सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में 1297 ईसवी में मलिक अलाउल मुल्क को कोतवाल नियुक्त किया गया। खिलजी मलिक को इस कदम पसंद करता था कि उसे विजारत यानी प्रधानमंत्री बनाना चाहता था। मगर मोटापे के चलते उन्हें यह पद नहीं दिया गया। 

नेहरू के दादा आखिरी कोतवाल 

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दादा गंगाधर दिल्ली के आखिरी कोतवाल थे। 1857 के विद्रोह के दौरान इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया था। 
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