फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिजिटल पॉकेटमारी से यात्रियों को बचाने के लिए दिल्ली मेट्रो ने अपनाया पुराना फार्मूला

Sun, 03 Jan 2021 10:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली मेट्रो - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

दिल्ली मेट्रो के कैशलेस होने के बाद से ही याात्रियों के बीच डिजिटल पॉकेटमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन मेट्रो के किसी न किसी स्टेशन पर यात्रियों से कार्ड रिचार्ज करवाने, नया मेट्रो स्मार्ट कार्ड बनवाने और कैश ट्रांजेक्शन के नाम पर लोगों के साथ फ्राॅड के केस सामने आ रहे हैं। इसी को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने फिर से अपना पुराना फार्मूला अख्तियार कर लिया है। डीएमआरसी ने स्टेशन पर मेट्रो का कार्ड रिचार्ज के लिए कैश लेना शुरू किया है ताकि यात्री किसी व्यक्ति के झांसे में न आएं और डिजिटल पॉकेटमारी से बच सकें।

विज्ञापन


स्मार्ट कार्ड दिलाने और रिचार्ज के नाम पर हो रही ठगी
मेट्रो पुलिस के अनुसार, कई मेट्रो स्टेशनों पर स्मार्ट कार्ड दिलाने और रिचार्ज करने के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें अधिकांश लोगों की शिकायत थी कि कुछ लोग कार्ड रिचार्ज तो करवा लेते हैं, लेकिन बाद में पैसे ट्रांसफर नहीं करते हैं।

महिला ने इस तरह उड़ाए 30 हजार
पुलिस ने बताया कि हाल ही में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर एक महिला ने एक यात्री से डिजिटल पेमेंट कर स्मार्ट कार्ड दिलवाने का अनुरोध किया। महिला ने कहा, अकाउंट नंबर दे दें, वह ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर देगी। कुछ देर में उस महिला ने कहा कि पैसे ट्रांसफर हो रहे हैं, एक ओटीपी आया होगा वह दे दें। यात्री ने उस महिला को ओटीपी बता दिया। कुछ ही देर में महिला चली गई। महिला के जाते ही यात्री के मोबाइल पर खाते से 30 हजार रुपये निकलने का मैसेज आ गया।
विज्ञापन


क्यूआर कोड से रिचार्ज कराया, फिर रफूचक्कर
इसी तरह पटेल नगर मेट्रो स्टेशन पर एक छात्र से एक व्यक्ति ने कहा कि अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर स्मार्ट कार्ड दिलवा दे। वह बदले में उन्हें नकद दे देगा। उस व्यक्ति ने 500 रुपये का रिचार्ज करवा लिया। इसके बाद में कहा कि फिलहाल नकद नहीं है। अकाउंट नंबर दे दो पैसे ट्रांसफर कर दूंगा, लेकिन आजतक पैसे ट्रांसफर नहीं हुए हैं।

कैश लेना शुरू करना पड़ा
राजेंद्र पैलेस मेट्रो स्टेशन पर काम करने वाले मेट्रो कर्मचारियों ने ‘अमर उजाला‘ से कहा कि लोगों के साथ ठगी के मामले के साथ ही एटीएम कार्ड नहीं चलने जैसी कई प्रकार की समस्याएं आ रही थीं। इसे देखते हुए कैश लेना शुरू कर दिया गया है। ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

कोरोना संक्रमण के चलते मेट्रो में टोकन सिस्टम के साथ कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। डिजिटल पेंमेट के जरिए ही यात्रियों के कार्ड बनाए और रिचार्ज किए जा रहे थे, लेकिन लोगों के साथ हो रही ठगी को देखते हुए मेट्रो ने फिर से कैश लेना शुरु कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें