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आम आदमी पार्टी की नाक का सवाल बना एमसीडी चुनाव

Fri, 21 Apr 2017 06:42 AM IST
शशिधर पाठक/नई दिल्ली
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राजौरी विधानसभा के उपचुनाव में प्रत्याशी की जमानत जब्त होने तथा पंजाब, गोवा में दावे से उलट नतीजे के बाद एमसीडी चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए नाक का सवाल बन गया है।  भाजपा जहां इससे राहत महसूस कर रही है, वहीं कांग्रेस को दिल्ली में राजनीतिक दिशा दिखाई देने लगी है। 
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ऐसे में दिल्ली नगर निगम का चुनाव काफी अहम हो गया है। इसलिए भाजपा ने एमसीडी चुनाव में सफलता के लिए सारे घोड़े खोल दिए है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी की पूरी टीम कड़ी मेहनत कर रही है। दिल्ली से केन्द्र सरकार में मंत्री डा. हर्ष वर्धन, विजय गोयल और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी एमसीडी चुनाव प्रचार में भरपूर समय दे रही हैं।

विजय गोयल के भाई अशोक गोयल और वित्त मंत्री अरुण जेटली की टीम जीत की पटकथा लिखने के लिए दिन-रात एक किए है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह लगातार दिल्ली में नगर निगम चुनाव प्रचार अभियान पर नजर बनाए हैं। सूत्र बताते हैं कि अमित शाह अब दिल्ली में कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहते। इसलिए लगातार प्रचार अभियान और चुनाव तैयारी की रिपोर्ट ले रहे हैं।
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जीते तो संभले, वरना....

आम आदमी पार्टी के लिए नगर निगम का चुनाव करो या मरो जैसा है। पार्टी चुनाव में सफल हो गई तो अपना वजूद बनाए रखने के साथ गुजरात समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह का कांटा बन सकती है। इसलिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टीम एमसीडी चुनाव में संजीवनी बूटी की तलाश में जुट गई है। पार्टी के लिए काम करने वाले राजेश चौधरी का मानना है कि एमसीडी चुनाव-2017 दिल्ली विधानसभा चुनाव-2015 से काफी टफ है।

2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें मिली थी। लेकिन इसके लिए उसे जनता के बीच में जाकर 49 दिन सरकार चलाने के बाद विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने के लिए माफी मांगने से लेकर हर जतन करना पड़ा था। आप पार्टी के एक संस्थापक नेता का मानना है कि यदि एमसीडी चुनाव में पार्टी सफल नहीं हो पाई तो अरविंद केजरीवाल का तिलिस्म भी टूट जाएगा।

टीम में बिखराव
आम आदमी पार्टी की टीम भी बिखरी हुई है। विधानसभा चुनाव में बूथ स्तर तक जान लड़ा देने वाले तमाम कार्यकर्ता अभी तक दूरी बनाए हैं। पार्टी के संस्थापक नेताओं में एक कुमार विश्वास हाशिये पर है। पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रचार अभियान से दूर ही रखा था। कुमार विश्वास का एक वीडियो भी पिछले दिनों खूब वायरल हुआ है।

आशुतोष, आशीष खेतान, संजय सिंह समेत कई शीर्ष नेताओं में आपस में खींचतान है। दिल्ली नगर निगम चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता अंदरुनी घमासान से नहीं ऊबर पा रहे हैं। वहीं पंजाब और गोवा में पार्टी के मोहरों के पिटने के बाद एक दूसरे पर दोषा रोपण से भी ऊपर उठने में समय लग रहा है।
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भाजपा और कांग्रेस की निगाह

भाजपा की निगाह जहां एमसीडी चुनाव अपना परचम फहराने टिक गई है, वहीं कांग्रेस इसे अपने लिए संजीवनी बूटी के तौर पर देख रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन को उम्मीद है कि एमसीडी चुनाव में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस के नेता इसे दिल्ली में कांग्रेस के पुन: जीवित होने के रुप में देख रहे हैं। वहीं भाजपा के मनोज तिवारी का मानना है कि एमसीडी चुनाव में आप पार्टी को पछाडऩे के बाद भाजपा का विजय रथ आगे कहीं रुकने वाला नहीं है।

लेकिन आसान नहीं भाजपा की राह

उ.प्र., उत्तराखंड चुनाव और दिल्ली में राजौरी विधानसभा सीट के उपचुनाव में भारी मतों से जीत के बाद भाजपा भले अपनी लहर का दावा करे लेकिन एमसीडी चुनाव में उसकी राह बहुत आसान नहीं है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में दिल्ली की सरकार ने गरीबों, निचले तबको, निम्न मध्य वर्ग और मध्य वर्ग के बीच अपनी पहचान बना ली है। इस तबके में दिल्ली सरकार का 20 हजार लीटर मुफ्त पानी, कम दरों पर बिजली देने, मोहल्ला क्लीनिक, गलियों में लोहे के गेट, सरकारी स्कूलों में सुधार, गली-मुहल्ले की सडक़ों के स्तर में सुधार, आम जनता को सहूलियत आदि ने काफी भरोसा पैदा किया है। आप पार्टी का गृहकर से राहत देने का वादा भी अपील कर रहा है।
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