केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 44 लाख रुपये से अधिक के झूठे आयकर ‘रिफंड’ का दावा करने के आरोप में नौसेना के 18 कर्मियों सहित केरल के 31 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन दावों का उल्लेख फॉर्म-16 में नहीं किया गया था।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सीबीआई ने पुलिस के कर्मियों और दो निजी कंपनियों – एक आईटी कंपनी और एक जीवन बीमा प्रदाता के अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक एजेंट रिफंड की दस फीसदी राशि शुल्क के तौर पर लेते थे। सीबीआई ने यह कार्रवाई केरल के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त की शिकायत पर की है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि कुल 51 लोगों ने झूठे दावे किए थे।
प्राथमिकी में कहा गया है, इन 51 व्यक्तियों में से 20 ने नोटिस जारी करने पर विभाग को कुल 24.62 लाख रुपये की रिफंड राशि चुका दी और ‘रिफंड’ का दावा करने में गलती स्वीकारी। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि प्राथमिकी में दर्ज शेष 31 लोगों ने अभी तक फर्जी दावे किए गए 44.07 लाख रुपये के आयकर ‘रिफंड’ नहीं लौटाये हैं।
तेलंगाना में रियल एस्टेट फर्मों पर छापे
आयकर विभाग की टीम ने तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में रियल एस्टेट फर्मों के ठिकानों पर बुधवार को छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक ये बिल्डर श्री आदित्य होम्स, सीएसके बिल्डर्स और ओरिजीता कंस्ट्रक्शंस हैं। आयकर की टीम ने कंपनियों के निदेशकों के आवासों पर भी छापे मारे। फिलहाल बरामदगी का खुलासा नहीं किया गया है।
2000 करोड़ की धोखाधड़ी, ईडी ने विहान डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के 90 करोड़ रुपये फ्रीज किए
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘विहान डायरेक्ट सेलिंग’ कंपनी के विभिन्न परिसरों पर छापा की कार्रवाई के बाद 90 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि वाले तीन दर्जन बैंक खातों को फ्रीज किया है। ईओडब्ल्यू की एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों ने 400 करोड़ की ठगी की। हालांकि जांच के दौरान पाया गया कि इन कंपनियों ने विभिन्न शेल कंपनियों को खोलकर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। जांच एजेंसी ने यह जानकारी बुधवार को दी। इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन के अनुसार, ‘डायरेक्ट सेलिंग’ शब्द का मतलब उत्पादों और सेवाओं को सीधे उपभोक्ताओं को बेचना है। ईडी ने मंगलवार को विहान डायरेक्ट सेलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले मुंबई, बंगलूरू और चेन्नई में छापा मारा था। यह कंपनी भारत में क्यूनेट लिमिटेड की मास्टर फ्रेंचाइजी कंपनी है। छापों के दौरान ईडी ने मामले से जुड़ी विभिन्न कंपनियों, व्यक्तियों, स्वामित्व से संबंधित 36 बैंक खातों को फ्रीज किया था। इन खातों में 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।