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पाकिस्तानी बच्चों को दाखिला न देने पर दिल्ली हाईकोर्ट खफा, कहा- नहीं छीन सकते शिक्षा का अधिकार

Fri, 11 Oct 2019 04:33 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Pakistani hindu refugee Childrens - फोटो : AmarUjala
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तीन पाकिस्तानी भाई-बहनों को दिल्ली के एक स्कूल में दाखिला नहीं मिल रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने स्कूल के रुख पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि वह बच्चों की ज्यादा उम्र को शिक्षा न देने का आधार कैसे बना सकता है? कोर्ट ने मौखिक रुप से तीनों बच्चों का दाखिला देने की बात भी कही है।
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दरअसल, तीन पाकिस्तानी भाई-बहन संजिनी बाई (16 वर्ष), रवि कुमार (17 वर्ष) और मूना कुमारी (18 वर्ष) इसी साल अपने माता-पिता के साथ पाकिस्तान छोड़कर भारत आ गए थे। तीनों बच्चों के पास पाकिस्तान के एक स्कूल से उनकी पिछली शिक्षा के प्रमाण पत्र मौजूद हैं। तीनों ही बच्चे दिल्ली के एक स्कूल में नौवीं कक्षा में प्रवेश पाना चाहते हैं। लेकिन कथित रुप से स्कूल उनकी आयु कक्षा के हिसाब से ज्यादा बताकर दाखिला देने से इनकार कर रहा है।

स्कूल के रुख से परेशान होकर तीनों बच्चों ने दिल्ली सरकार से भी दाखिला दिलाने की अपील की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर बच्चों ने अपना दाखिला सुनिश्चित कराने की कोशिश भी की। लेकिन वहां से भी कोई जवाब न मिलने के बाद बच्चों ने कोर्ट की शरण ली।
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तीनों पाकिस्तानी बच्चों के वकील अशोक अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि उम्र को आधार बनाकर किसी भी बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। पाकिस्तानी नागरिक होने के बाद भी शिक्षा उनका अधिकार है। इसलिए वे कोर्ट से चाहते हैं कि वह बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित कराने के लिए दिल्ली सरकार को आदेश दे। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को है।
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