भारत के उच्च संवैधानिक पदों पर काबिज शख्सियतों की गाड़ियों को भी रजिस्ट्रेशन नंबर लेना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को लिए फैसले में यह बात कही। कोर्ट ने कहा है कि इन पदों पर बैठे लोगों की गाड़ियों का भी रजिस्ट्रेशन होगा। इससे साफ है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपालों और उपराज्यपालों के वाहन अब नंबर प्लेट के साथ नजर आएंगे।
बता दें कि भारत के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और राज्यों के गवर्नर की गाड़ी की नंबर प्लेट पर कोई भी नंबर नहीं होता है। इन गाड़ियों की नंबर प्लेट पर सिर्फ राष्ट्रीय चिह्न (अशोक चिह्न) होता है।
दरअसल एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने याचिका दायर कहा था कि बिना नबंर प्लेट की गाड़ियों को आतंकवादी निशाना बना सकते हैं क्योंकि इन गाड़ियों पर तुरंत ध्यान जाता है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि इनसे एक्सीडेंट होने की स्थिति में कार के असली मालिक की पहचान करना भी मुश्किल होता है। इस स्थिति में गाड़ी में नंबर प्लेट का होना जरूरी है।