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अदालत ने रद्द किया केंद्र के 2018 बैच के आईएएस-आईपीएस कैडर का आवंटन

Sun, 05 May 2019 10:13 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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हाईकोर्ट ने 2018 बैच के आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के कैडर आवंटन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने नए सिरे से कैडर आवंटन करने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया है। हाईकोर्ट ने यह निर्देश 2018 बैच के चार अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। इन अधिकारियों ने कैडर आवंटन को गलत बताते हुए चुनौती दी थी। 

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न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने याचिकाकर्ता अधिकारियों की दलीलों से सहमति जताते हुए नए सिरे से कैडर आवंटन का निर्देश दिया है। इन अधिकारियों का कहना था कि कैडर आवंटन ऐसा मुद्दा है जो भविष्य में उनके कैरियर को प्रभावित करेगा।

खंडपीठ ने इस बात पर भी गौर किया कि दोबारा कैडर आवंटन में अधिक समय नहीं लगना चाहिए क्योंकि यह एक सॉफ्टवेयर के जरिये किया जाना है और इसके लिए जरूरी डाटा पहले ही सरकार के पास है। 
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खंडपीठ ने आईएएस अधिकारियों के संबंध में पत्राचार के जरिये 3 दिसंबर 2018 तथा आइपीएस अधिकारियों के संबंध में ओएम के जरिये 19 दिसंबर 2018 को किए गए कैडर आवंटन को रद करते हुए यह टिप्पणी की है।

याचिकाओं पर फैसले में खंडपीठ ने कहा कि सफल आईएएस व आईपीएस अधिकारियों को उनके अंकों के मुताबिक नए सिरे से कैडर आवंटन किया जाए। उनके द्वारा किसी खास कैडर की वरीयता न दिए जाने पर विचार न किया जाए। इन याचिकाओं में भारतीय सिविल परीक्षा 2017 के परिणामों के बाद केंद्र की ओर से जारी कैडर आवंटन को चुनौती दी गई थी। 

याचिका दायर करने वाले अधिकारियों का दावा था कि कैडर आवंटन नीति 2017 की व्याख्या गलत तरीके से की गई और यह पूरी तरह मनमाना व अनुचित है। यह नीति समानता के अधिकार का उल्लंघन है क्योंकि उन्हें उनका पसंदीदा कैडर नहीं दिया जबकि उनसे कम अंक वाले अधिकारियों को पसंदीदा कैडर दिया गया है।

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