कांग्रेस को 17वीं लोकसभा में नेता विपक्ष का पद देने की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह और न्यायमूर्ति मनोज ओहरी की अवकाश पीठ ने कहा कि इस पर जल्द सुनवाई की जरूरत नहीं है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 8 जुलाई तय की है।
विपक्ष में बैठने वाले दलों में जिस दल के पास सर्वाधिक सीटें होती हैं उनमें से किसी सांसद को विपक्ष का नेता चुना जाता है। यदि विपक्ष के किसी भी दल के पास कुल सीटों का 10 फीसदी सांसद नहीं है तो ऐसी दशा में सदन में कोई विपक्ष का नेता नहीं बन सकता। 10 फीसदी सांसदों की गणना दल के आधार पर होती है, गठबंधन के आधार पर नहीं।