व्हाट्सएप की नई निजता नीति की पड़ताल के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र को दिया तीन सप्ताह का और वक्त दिया है। दरअसल, केंद्र ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि 15 मई से प्रभावी होने जा रही ‘व्हाट्सएप’ की नई निजता नीति की उच्चतम स्तर पर पड़ताल की जा रही है और सरकार इस मुद्दे पर उससे कुछ स्पष्टीकरण मांग रही है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने इस दलील पर संज्ञान लेते हुए इस कार्य के लिए केंद्र को तीन सप्ताह का वक्त दिया और विषय की सुनवाई के लिए अगली तारीख 19 अप्रैल निर्धारित करते हुए एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
अदालत फेसबुक के मालिकाना हक वाले मैसेजिंग ऐप ‘व्हाट्एसऐप’ की नयी निजता नीति के खिलाफ एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही है। केंद्र सरकार के वकील कीर्तिमान सिंह ने कहा कि वे इस मुद्दे पर और अधिक स्पष्टता जुटाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं और व्हाट्सएप से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।
इससे पहले, केंद्र ने उच्च न्यायालय से कहा था कि व्हाट्सएप भारतीय उपयोगकर्ताओं से अलग तरह का बर्ताव कर रहा है। उसकी नयी नीति सरकार के लिए चिंता का विषय है और वह इस मुद्दे पर गौर कर रही है।
गौरतलब है कि अधिवक्ता मनोहर लाल के मार्फत दायर चैतन्य रोहिल्ला की याचिका में दावा किया गया है कि व्हाट्सएप की नई निजता नीति किसी उपयोगकर्ता की ऑनलाइन गतिविधियों तक पूर्ण रूप से पहुंच प्रदान करती है।