दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को खूनी खेल के नाम से मशहूर ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल चैलेंज से हो रही बच्चों की मौतों पर चिंता जाहिर की है। इस गेम से दुनिया भर में कई बच्चों ने सुसाइड की है। मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने इस बात पर बात की है कि आखिरकार क्यों वयस्क युवक इस गेम मेें शामिल हो रहे हैं, जिसमें खतरनाक टास्क दिए जाते हैं।
गौरतलब है कि इस गेम को खेलने वालों को कभी अपने शरीर पर आत्मघाती घाव करना पड़ता है तो कभी ऊंचाई से कूदने जैसे टास्क दिए जाते हैं।
बेंच ने कहा कि यह गेम बच्चों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसमें वयस्क क्यों शामिल हुए हैं। भारत और विदेशों में बच्चों की मौत का हवाला देते हुए अधिवक्ता गुरुमीत सिंह ने यह याचिका दायर की है।
पीठ ने याचिका की सुनवाई ने कहा कि अगर किसी वयस्क को किसी इमारत से कूदने को कहा जाए तो वह क्यों कूद जाए। उन्होंने कहा कि हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे और वयस्क ऐसा क्यों कर रहे हैं।
हालांकि मामले में कोर्ट ने ब्लू व्हेल गेम के लिंक को हटाने के लिए Google, Facebook और Yahoo सहित इंटरनेट कंपनियों को निर्देश जारी किया है। हालांकि अभी यह स्थिति साफ नहीं हुई है कि क्या सरकार ने ब्लू व्हेल गेम डाउनलोड करने के बारे में निषेध आदेश को जारी किया है या नहीं। इस मामले में कोर्ट 22 अगस्त को अगली सुनवाई में तय कर सकता है।
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गौरतलब है कि खूनी खेल के नाम से मशहूर ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल दुनियाभर में बच्चों की जान ले रहा है। यह गेम बच्चों को इस तरह अपने आगोश में ले रहा है कि बच्चे इस गेम को पूरा करने के लिए जान देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। वहीं भारत में इस गेम के कारण हुई कई बच्चों की मौत के बाद सरकार ने गूगल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट और याहू जैसी कंपनियों से अपने प्लेटफॉर्म से Blue Whale Challenge गेम के लिंक्स को हटाने का आदेश दिया है।
आईटी मिनिस्ट्री ने इन सभी सोशल मीडिया साइट्स को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी तरह इस जानलेवा गेम ब्लू वेल चैलेंज को फैलने से रोकें। आईटी मिनिस्ट्री के बाद अब महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भी होम मिनिस्टर और आई मिनिस्टर को इस गेम के लिंक्स को सोशल मीडिया से हटाने के लिए कड़े उठाने की गुजारिश की है।