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दिल्ली हाईकोर्ट में सेक्स वर्कर्स को लॉकडाउन में भोजन, आवास मुहैया कराने वाली याचिका खारिज

Mon, 11 May 2020 01:45 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI
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दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सेक्स वर्कर्स और एलजीबीटी समुदाय को भोजन, आवास और चिकित्सा मुहैया कराने वाली याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार को सेक्स वर्कर्स और एलजीबीटी समुदाय के लोगों को लॉकडाउन के दौरान भोजन, आवास और चिकित्सा आदि का संरक्षण प्रदान करने का आदेश दे।

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साथ ही याचिका में कहा गया था कि सरकार इनकी सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी उपायों के लिए प्रभावी कदम उठाए और सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास के लिए एक समिति का गठन करे। दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को न्यायाधीश राजीव सहाय एंडलॉ और संगीता ढींगरा सेहगल की पीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया। 

याचिकाकर्ता और अधिवक्ता अनुराग चौहान ने कहा कि सेक्स वर्कर्स और एलजीबीटी समुदाय के सदस्यों के कल्याण के लिए जनहित याचिका दायर की गई थी, जिनके पास लॉकडाउन के दौरान वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं है।
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याचिका में मांग की गई थी कि इन्हें किराए के भुगतान से छूट देने के लिए कदम उठाए जाए। साथ ही अधिकारी इन लोगों को परामर्श देने के लिए एक अलग हेल्पलाइन स्थापित करें और महामारी की अवधि के दौरान उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए एक दिशा निर्देश जारी करें।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि उसने दो मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री और उप राज्यपाल को इस संबंध में जानकारी दी थी, जिसमें सेक्स वर्कर्स और एलजीबीटी समुदाय के सदस्यों की शिकायतों को उजागर किया गया था, लेकिन इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।

बता दें कि, देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 4213 नए मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है। 

इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 67,152 हो गई है, जिनमें 44,029 सक्रिय हैं, 20,917 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2206 लोगों की मौत हो चुकी है।  

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