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देश के इन शहरों को रफ्तार दे रही है मेट्रो, सबसे बड़ा नेटवर्क है DMRC का

Tue, 05 Sep 2017 01:47 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
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लखनऊ मेट्रो - फोटो : amar ujala
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नवाबों के शहर में अब पहले आप-पहले आप कहने के बाद गाड़ी तो छूटेगी और न मंजिल तक पहुंचने में ही देरी होगी, बल्कि सात मिनट बाद दूसरी मेट्रो आ जाएगी। लखनऊ में मंगलवार 5 सिंतबर से मेट्रो के शुरू होने के साथ देश में आठवीं मेट्रो के सफर का आगाज हो गया है। 
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इससे पहले मेट्रो  कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, मुंबई, जयपुर और कोच्चि को रफ्तार दे चुकी है। आने वाले कुछ वर्षों में पुणे, चंडीगढ़, अहमदाबाद, कानपुर, लुधियाना, भोपाल और  इंदौर को रफ्तार देने की तैयारी में है।  

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कहां से हुई मेट्रो की शुरुआत और कहां तक पहुंची

delhi metro
कोलकाता मेट्रो

मेट्रो को देश में लाने का श्रेय कोलकाता को जाता है। 1984 में कोलकाता में शहर की परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय ने समस्या पर लगाम लगाने के लिए ट्राम के बाद मेट्रो की शुरुआत की। 1972 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मेट्रो का शिलान्यास किया था और 24 अक्टूबर 1984 को सेवा शुरू हो गई थी। कोलकाता मेट्रो अकेली मेट्रो है जिसकी देखभाल और रखरखाव भारतीय रेलवे करता है।


दिल्ली-एनसीआर मेट्रो

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की शुरुआत 2002 में हुई। दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पहले फेज में मेट्रो ने 65.11 किलोमीटर की दूरी तय की जबकि सेकेंड फेज में यह 125 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है। दिल्ली मेट्रो को इस तरह से जोड़ा गया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ जनता को कम से कम परेशानी हो। वहीं दिल्ली मेट्रो को गूगल इंडिया से भी जोड़ा गया हैस गूगल मैप और मोबाइल के जरिए मेट्रो की पल पल की जानकारी जनता को मिलती है।

वहीं दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ती है। दिल्ली मेट्रो एक मात्र ऐसी मेट्रो है जो तीन राज्यों के शहरों को एक दूसरे से जोड़ रही है। जिसमें  हरियाणा का गुड़गांव,फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश का नोएडा प्रमुख हैं। इस साल के अंत तक मेट्रो गाजियाबाद के शहरों को भी जोड़ेगी।  
 

मुंबई मेट्रो है एशिया का पहला ग्रीन मेट्रो

मुंबई मेट्रो
मुंबई मेट्रो

मुंबई में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए  मुंबई मेट्रो की शुरुआत हुई। मुंबई मेट्रो पॉलिटन रीजन डेवल्पमेंट ऑथोरिटी और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्टर और फांस की कंपनी के साथ मिलकर शुरुआत की है।  12 किलोमीटर लंबी एलीवेटेड मेट्रो में 12 स्टेशन है। मुंबई मेट्रो पूर्व पश्चिम को जोड़ती है। यह पूरा रूट महज 21 मिनट में पूरा हो जाता है। दूसरे और तीसरे फेज तक मुंबई मेट्रो की लंबाई 146 किलोमीटर तक होगी। ये फेज 2021 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।
मुंबई मेट्रो को एशिया की पहली ग्रीन मेट्रो होने का खिताब मिला हुआ है। 

बंगलूरू मेट्रो

गार्डेन सिटी के नाम से जाने जाने वाले बंगलूरू मेट्रो की शुरुआत 2006 में हुई थी। बंगलूरू मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा बनाई गई मेट्रो का रूट 33 किलोमीटर लंबा है जिसमें एलीवेटेड और अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। बीएमआरसीएल ने बंगलूरू मेट्रो के लिए 162 मेट्रो स्टेशन को हरी झंडी दी है जबकि 43 स्टेशन का निर्माण हो चुका है।

चेन्नई
चेन्नई मेट्रो को हरी झंडी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने दिखाई थी। मेट्रो चलने वाला देश का सातंवा शहर है।पहले चरण में 10 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक में कुल सात स्टेशन थे। जबकि बाद में 22 किलोमीटर ट्रैक बनाया गया जबकि इस शहर में कुल 32 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। 
 
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जयपुर मेट्रो

जयपुर मेट्रो
गुलाबी शहर अब मेट्रो शहर भी हो चुका है। मेट्रो पहुंचने वाला यह देश का छठा शहर है।  लेकिन इस मेट्रो की खास बात ये है कि इस मेट्रो के निर्माण में एक एक पैसा राजस्थान सरकार ने खर्च किया है। जबकि दिल्ली मेट्रो हो या फिर मुंबई मेट्रो तक में जापान और फ्रांस का पैसा लगा है।
पिछली मेट्रो से सबक लेते हुए जयपुर मेट्रो स्टेशन में हर दरवाजे के साथ सीसीटीवी लगाया गया है जिससे ड्राइवर मेट्रो में चढ़ रहे यात्रियों को देखकर दरवाजा बंद कर सकेंगे। साथ ही इस मेट्रो में एंडी कोलिजन डिवाइस से भी सुज्जित किया गया है। 

कोच्चि मेट्रो

कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड कई मामलों में अलग है। यह पहली मेट्रो सेवा है जिसने रिकॉर्ड समय तीन साल 11 महीने में काम पूरा किया। यह पहला ऐसा मेट्रो है जो रेल, रोड और वाटर ट्रांसपोर्ट से शहर को जोड़ रही है। इसका फांउडेशन स्टोन 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रखा गया था और 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई है। इस ट्रेन में तीन कोच ही हैं। 
 
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