देश की राजधानी दिल्ली में भी गैस की कमी से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। गैस एजेंसियों के सामने लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में गैस के उपयोग को सीमित कर स्थिति से निपटने की कोशिश की जा रही है। इस बीच दिल्ली सरकार ने कहा है कि राजधानी में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार ने लोगों से घबराहट में अधिक खरीदारी (पैनिक बाइंग) करने से बचने की सलाह दी है।
गुरुवार शाम दिल्ली सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि शहर में पेट्रोल या गैस की कोई कमी नहीं है। प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी चालित वाहनों को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और घबराहट में गैस-पेट्रोल की अधिक खरीदारी करने से बचने की अपील की है।
दिल्ली में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड प्रमुख एजेंसी है जो उपभोक्ताओं को घरेलू और वाहनों के उपयोग के लिए गैस उपलब्ध कराती है। सरकार के अनुसार, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दिल्ली में घरेलू पीएनजी की आपूर्ति स्थिर है और गैस के आवंटन में घरेलू पीएनजी सेवा उपभोक्ताओं और सीएनजी चालित वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जा रही है। पेट्रोल की उपलब्धता भी सुचारु बनी हुई है।
दावा- दो-तीन दिनों में मिल रही गैस की डिलीवरी
दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि उपभोक्ताओं को दो से तीन दिनों के अंदर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। नई बुकिंग के लिए उपभोक्ता पिछली बुकिंग के 25 दिनों के बाद मांग कर सकते हैं। इसके लिए कहीं जाने की बजाय डिजिटल माध्यम से ही बुकिंग की जा सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न एजेंसियों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। शहर में पेट्रोल-गैस की होर्डिंग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिन क्षेत्रों के लिए गैस के उपयोग को सीमित किया गया है, उन क्षेत्रों के द्वारा एलपीजी की खपत न होने पाए, इसके लिए लगातार नजर रखी जा रही है।
कालाबाजारी शुरु, तीन हजार तक में मिल रहे सिलेंडर
दिल्ली सरकार के दावों के उलट जमीन पर गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू हो चुकी है। ब्लैक मार्केट में गैस की ऊंची कीमतों के कारण अनेक रेहड़ी-पटरी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। कई दुकानदारों ने बिजली, लकड़ी जैसे दूसरे विकल्पों को भी अपनाया है। सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें लगाते हुए देखा जा रहा है। लोगों की शिकायत है कि उन्हें गैस उपलब्ध कराने के लिए हफ्तों बाद का समय दिया जा रहा है। जबकि ब्लैक मार्केट में गैस सिलेंडर 2500 से तीन हजार रूपये तक में मिल रहा है।