दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार दिल्ली के छात्रों को स्पेशलाइज एजुकेशन दिलाने का सर्वोच्च अवसर दिलाएगी। इसके लिए छात्रों को विषयों के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और इसका पूरी खर्च सरकार वहन करेगी।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुसार ही शिक्षा को ढालकर अपने बच्चों और देश के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकता है।
दिल्ली स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस की पहली जनरल बॉडी मीटिंग में ऑनलाइन माध्यम से भाग लेने के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा कि पुरानी शिक्षा प्रणाली के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने में सुधार करने की आवश्यकता है। अब छात्रों को उन्हीने विषयों में महारत हासिल करनी चाहिए जिनकी आने वाली दुनिया को जरूरत है। स्टेम, विजुल आर्ट्स और प्रद्योगिकी जैसे विषयों में महारत रखने वाले छात्र ही भविष्य की चुनौतियों से बेहतर ढंग से जूझ सकेंगे।
दिल्ली कैबिनेट ने 22 मार्च को स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस को मंजूरी दी थी। इसे 6 अप्रैल को ही रजिस्टर किया गया है। यह संस्थान छात्रों को सर्वश्रेष्ठ तकनीकी विषयों की जानकारी देकर वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।