इस समय दिल्ली में 900 MGD पानी की सप्लाई होती है। दिल्ली जैसे शहर के लिए पानी की यह खपत बेहद कम है। पानी की कमी पूरी करने के लिए लोग बोरिंग के पानी पर निर्भर करते हैं। जल के टैंकरों की कालाबाजारी होती है और लोगों को भारी कीमत पर पानी खरीदना पड़ता है।
इस परिस्थिति से निबटने के लिए सरकार दिल्ली में पानी की आपूर्ति बढ़ाने के उपायों पर जोर देगी। स्वच्छ पानी की सप्लाई के लिए सरकार कुछ जगहें सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है जहां रेनी वेल स्थापित किये जा सकें। इसके अलावा वर्षा जल को रोकने की तकनीकी पर भी अध्ययन किया जा रहा है। सरकार पानी की उपलब्धता के लिए हरियाणा जैसे राज्यों पर अपनी निर्भरता भी कम करना चाहती है।
स्काडा प्रोजेक्ट के माध्यम से जल का नुकसान रोकेंगे
राजधानी के अनेक क्षेत्रों में जल के खपत की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की व्यवस्था लागू है। सरकार इस व्यवस्था को और अधिक गंभीरता से पूरी दिल्ली में लागू करने पर विचार कर रही है।
इस तकनीकी के माध्यम से किसी क्षेत्र में पानी की लीकेज होने पर पानी की सप्लाई खुद-ब-खुद कम हो जाती है। इसके अलावा स्कूल जैसे भवनों में छुट्टियों के समय पानी की सप्लाई बेहद कम हो जाती है। इससे जल के दुरुपयोग की संभावना कम हो जाती है।