आठ दिनों तक पारा 43 डिग्री सेल्सियस रहने के बाद राजधानी में बुधवार को तापमान में थोड़ी सी गिरावट दर्ज की गई। पिछले पांच सालों में मई के महीने में यह पहला मौका है जब लगातार इतनी भीषण गर्मी पड़ी है।
22 मई को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और मंगलवार 29 मई तक 43 डिग्री या उससे ऊपर ही रहा। खुला आसमान और धीमी गति से चल रही हवाएं शहर को भट्टी बनाती रही। इन आठ दिनों के दौरान उच्चतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था और 26 मई को दर्ज किया गया था।
हालांकि दिल्ली में मई का महीना साल के दो सबसे गर्म महीनों में शामिल है। लेकिन बिना ब्रेक के इतनी ज्यादा गर्मी बहुत आम नहीं है। दिल्ली में आखिरी बार 2013 में 43 डिग्री से ज्यादा तापमान लंबे समय तक देखा गया था। तब बारिश के बिना मई के महीने में बहुत ज्यादा तापमान बढ़ गया था। उस साल 19 मई से 30 मई तक गर्मी का सितम चला था, जो 45.7 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।
इस साल तापमान 20 मई से बढ़ने लगा। क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, "इससे पहले, पश्चिमी विक्षोभ के कारण शहर में नियमित अंतराल पर तूफान आता था और पूरबिया हवाएं नमी लेकर आती थी।"
श्रीवास्तव ने कहा, "20 मई से मौसम में नमी नहीं है, आसमान में बादल नहीं हैं और धीमी गति से लू चल रही है। गर्मी बढ़ने की यह एकदम सटीक परिस्थिति थी।