दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली में शराब पीने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल कर दी गई है। इसके साथ ही केजरीवाल सरकार ने साफ कर दिया कि शराब की बिक्री अब निजी हाथों में सौंपी जाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन कदमों से वार्षिक राजस्व में 20 फीसद की वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरकार ने दिल्ली में अपनी सभी दुकानें बंद करने का फैसला किया है क्योंकि उनसे शराब की निजी दुकानों की तुलना में कम कमाई हो रही थी। फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी में करीब 850 प्रतिष्ठानों में 40 फीसद निजी हाथों में हैं। लेकिन आबकारी विभाग के लिए तीन महीने के भीतर सरकारी दुकानों की जगह निजी हाथों में देना बड़ी चुनौती होगी।
हाल ही में सभी सरकारी एजेंसियों के लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ है। राजधानी में कुल 850 शराब की दुकानें हैं जिनमें से करीब 475 दुकानें दिल्ली सरकार की चार एजेंसियां डीएसआईडीसी, डीटीटीडीसी, डीएससीएससी, और डीसीसीडब्ल्यूएस चलाती हैं।
सूत्रों का कहना है कि सरकारी दुकानों के लिए लाइसेंस तीन महीनें बढ़ाया गया था। अब अगले तीन महीने के भीतर इन दुकानों को निजी हाथों को सौंपना होगा जिसके लिए सरकार और एजेंसियों को खासी मशक्कत करनी होगी।
पीटीआई के मुताबिक, एक सूत्र ने बताया कि आबकारी विभाग ने सरकारी दुकानों को बंद करने के लिए ज्यादा समय की मांग की है। उनका कहना है कि एक बार दुकानें बंद हो जाने के बाद अंतर को पाट पाना बहुत चुनौतीपूर्ण साबित होगा। हालांकि, सरकार ने इसके लिए तीन महीने के वक्त दिया है। सूत्र का कहना है कि सरकार ने तीन महीने के भीतर पूरा स्टॉक खत्म करने को कहा है।
क्या सरकारी शराब की दुकानों की नीलामी होगी, इस पर सूत्र ने कहा कि चारों सरकारी एजेंसियों को सभी विकल्पों पर विचार करना होगा और उन्हें फैसला लेने की पूरी आजादी होगी।