दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान की आज गणना हो रही है। अब तक के आकड़े बताते है कि दिल्ली में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इसी बीच स्वाराज इंडिया पार्टी के सह-संस्थापक और चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने इस चुनावी परिणाम पर प्रकाश डाला है। उन्होंने शनिवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की हार एक बड़ा झटका है, न केवल पार्टी के लिए, बल्कि पूरे विपक्ष के लिए भी। यादव उन्होंने कहा कि अब जब आप केवल पंजाब तक ही सीमित हो गई है, तो पार्टी के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
आप की हार विपक्ष के लिए खतरा
यादव ने कहा कि कांग्रेस और आप का गठबंधन लंबे समय तक नहीं चल सकता था, क्योंकि विपक्ष के भीतर गंभीर तनाव है और यह विपक्ष के लिए खतरे की बात है। उन्होंने कहा कि यह उन सभी के लिए एक झटका है, जिन्होंने देश में विपरीत राजनीति का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि भले ही आप का वोट शेयर भाजपा से केवल 4-5 प्रतिशत कम हो, लेकिन पार्टी के प्रमुख नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की मेहनत के बावजूद हार ने पार्टी के भविष्य को संदिग्ध बना दिया है।
भाजपा के निशाने पर पंजाब
इसके अलावा यादव ने कहा कि भाजपा के लिए अब सारी उम्मीदें पंजाब पर टिकी हैं, और अगर पंजाब में आप की स्थिति कमजोर पड़ी, तो भाजपा वहां विधायकों को तोड़ने की कोशिश करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आप ने सत्ता में आने के बाद वैकल्पिक राजनीति छोड़ दी और सिर्फ कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जो अब संतृप्त हो चुकी हैं।
यादव ने यह भी कहा कि भाजपा अब सिर्फ जीतने के लिए नहीं, बल्कि देश में पूर्ण प्रभुत्व स्थापित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष के लिए यह चुनौती और भी कठिन हो गई है, क्योंकि भाजपा की हालिया जीत से उसकी शक्ति और बढ़ी है।
इन मुद्दों ने खराब की आप की छवि
आखिर में, यादव ने यह भी बताया कि आप के वोटों में कमी का कारण यह हो सकता है कि पहले मोदी समर्थक जिन्होंने लोकसभा में भाजपा को वोट दिया था, अब विधानसभा चुनावों में आप का समर्थन कर रहे थे, लेकिन इस बार वे भाजपा के साथ रहे। उन्होंने यह भी कहा कि शराब घोटाले और 'शीश महल' विवाद के कारण आप की ईमानदार छवि को नुकसान हुआ है। साथ ही दिल्ली सरकार के उपराज्यपाल के साथ झगड़ों ने भी पार्टी की चुनावी विफलता में योगदान किया है।
अभी तक के आंकड़े
बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा अभी तक के जारी आंकड़ें के अनुसार 70 विधानसभा सीटों में भारतीय जनता पार्टी ने 40 पर जीत हासिल कर ली है और आठ सीट पर आगे चल रही है। वहीं आम आदमी पार्टी 17 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, जबकि केवल पांच पर आगे चल रही है।