दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 68 सीटों पर भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। भाजपा ने बुराड़ी सीट एनडीए गठबंधन में अपने सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) और देवली सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दी थी। इसमें बुराड़ी सीट पर जदयू ने शैलेंद्र कुमार और देवली सीट पर लोजपा ने दीपक तंवर को उतारा था।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत हुई। चुनाव में भगवा पार्टी की ऐसी लहर चली कि एनडीए के सहयोगी दलों को भी हार का मुंह देखना पड़ा। अकेले 68 सीटों पर लड़ी भाजपा ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि एक-एक सीट पर लड़ी एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू और लोजपा को जीत नसीब नहीं हुई। इन दोनों सीट आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी जीते।
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दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 68 सीटों पर भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। भाजपा ने बुराड़ी सीट एनडीए गठबंधन में अपने सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) और देवली सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दी थी। इसमें बुराड़ी सीट पर जदयू ने शैलेंद्र कुमार और देवली सीट पर लोजपा ने दीपक तंवर को उतारा था।
बुराड़ी सीट पर आप के प्रत्याशी संजीव झा ने जदयू के शैलेंद्र कुमार को करीब 20601 वोटों से हरा दिया। यहां आप के संजीव झा को 121181 वोट मिले। जबकि जदयू के शैलेंद्र कुमार को 100580 वोट मिले। उधर, देवली सीट पर लोजपा (राम) के प्रत्याशी दीपक तंवर को आप के प्रत्याशी प्रेम चौहान ने करीब 36 हजार वोट से हरा दिया। आप के चौहान को 86 हजार वोट मिले, जबकि लोजपा के तंवर को 50 हजार वोट मिले।
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भाजपा की 27 साल बाद वापसी, आप का 12 साल का शासन खत्म
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीती हैं। भाजपा 27 साल बाद सत्ता में वापस लौट रही है। चुनावी नतीजों के मुताबिक आम आदमी पार्टी केवल 22 सीटों पर जीत हासिल कर सकी। इससे आम आदमी पार्टी का 12 साल के शासन का अंत हो गया। भाजपा ने आप के सभी वरिष्ठ नेताओं को हरा दिया है। आप के संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, सौरभ भारद्वाज समेत तमाम बड़े नेता चुनाव हारे हैं। भाजपा की इस प्रचंड जीत ने दिल्ली की राजनीति को नया आकार दिया है।