अरविंद केजरीवाल पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर टैंकर माफियाओं से गठजोड़ होने का आरोप लगाकर ही सत्ता में आए थे। उस समय उन्होंने लोगों को मुफ्त पानी देने के साथ-साथ दिल्ली को टैंकर माफियाओं से मुक्त कराने का वादा भी किया था। सत्ता में रहने के लगभग 12 साल के बाद आम आदमी पार्टी नेता केजरीवाल ने खुलेआम यह स्वीकार किया कि वे न तो दिल्ली को साफ पानी पहुंचा पाए, न ही यमुना को साफ कर पाए। हालांकि, उन्होंने यह दावा अवश्य किया कि सरकार ने बाकी सभी वादे पूरे करने में सफलता पाई है। केजरीवाल के इस कथन को भाजपा-कांग्रेस ने उनकी असफलता माना, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इसे एक ईमानदार नेता की ईमानदार स्वीकारोक्ति बताया था।
लेकिन अचानक ही अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर यमुना में जहर मिलाने का आरोप लगाकर एक नई सनसनी पैदा कर दी। केजरीवाल के विरोधी ही नहीं, उनके समर्थक भी यह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं कि हरियाणा सरकार ने यमुना में जहर मिलाया होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर काफी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस तरह के बैसिर-पैर के आरोप लगाने वाले (केजरीवाल) को गैर जिम्मेदार बताया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इशारों-इशारों में केजरीवाल को अर्बन नक्सल बताकर जनता के बीच डर और भय पैदा करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि या तो केजरीवाल अपने आरोपों को प्रमाणित करें, या उनके खिलाफ जनता को गलतफहमी और भय पैदा करने के लिए उन पर केस दर्ज होना चाहिए। चुनाव आयोग ने भी केजरीवाल से उनके इन आरोपों पर ठोस जवाब मांगा है।
गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने बोतलों में पानी भरकर भाजपा नेताओं को उसे पीकर दिखाने का चैलेंज किया। माना यही जा रहा है कि इस तरह वे यमुना को साफ न हो पाने के मुद्दे को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। क्या यमुना में जहर मिलाने की बात करके केजरीवाल ने बहस को दूसरी दिशा में मोड़ने में सफलता पाई है? इससे उन्हें फायदा होगा, या नुकसान?
'अपनी नाकामी छिपा रहे केजरीवाल'
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अनित सिंह ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल को जब भी अपनी किसी असफलता पर जवाब देना होता है तो वे दूसरों पर आरोप लगाकर मामले को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने शीला दीक्षित पर पानी माफियाओं से गठजोड़ करने का आरोप लगाकर सत्ता हथियाई थी, लेकिन आज की सच्चाई यह है कि दिल्ली में टैंकर माफियाओं की संख्या 800 से बढ़कर 1300 के करीब हो गई है।
डॉ. अनित सिंह ने कहा कि, इससे साबित होता है कि केजरीवाल-आतिशी सरकार लोगों को साफ पानी नहीं दे पाई। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए यमुना में जहर मिलाने का शिगूफा छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। झूठे आरोप फैलाने के मामले में केजरीवाल पर केस दर्ज होना चाहिए।
यमुना का पानी पीकर दिखाएं- आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजीव कौशिक ने अमर उजाला से कहा कि हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री अपने राज्य में यमुना का पानी पीने का नाटक करते हैं। यदि उन्हें लगता है कि यमुना का पानी पीने के काबिल है तो वे दिल्ली में यमुना का पानी पीकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकती। दिल्ली के लोगों को अमोनिया युक्त पानी पीने के लिए नहीं दिया जा सकता। उन्हें इस बात की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी।
केजरीवाल की असफलता से गंदी हुई यमुना- भाजपा
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता डॉ. ममता त्यागी ने अमर उजाला से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के पूछने पर एक जवाब में दिल्ली सरकार ने यह स्वीकार किया था कि दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पुराने पड़ चुके हैं। इन्हें बदलने की आवश्यकता है क्योंकि ये 2 पीपीएम से ऊपर काम नहीं करते। त्यागी ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार ने ओजोनाइजेशन विधि से पानी को साफ करने की व्यवस्था की होती तो सात पीपीएम पर भी दिल्ली वालों को साफ पानी पीने के लिए मिलता क्योंकि इस विधि में पीपीएम की बात महत्व नहीं रखती, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सरकार ने यह काम नहीं किया।
डॉ. ममता त्यागी ने कहा कि दिल्ली के हर नाले-सीवर की लाइनें यमुना में ही गिरती हैं। इसकी गंदगी लगातार हर समय यमुना में मिलती है जिससे पानी पीने के काबिल नहीं रह जाता। यदि दिल्ली सरकार ने पर्याप्त मात्रा में एसटीपी लगाए होते तो आज दिल्ली को इस तरह का संकट न झेलना पड़ता। उन्होंने कहा कि अब केजरीवाल की कोई बहानेबाजी काम नहीं आएगी और दिल्ली की जनता उनकी असफलता के लिए उन्हें दंडित करेगी।