विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अपील की है कि दिल्ली विधानसभा के लिए चुना गया कोई भी विधायक इस बार अंग्रेजी में शपथ न ले। विहिप ने अनुरोध किया है कि सभी नवनिर्वाचित विधायक अपनी-अपनी मातृभाषा (संस्कृत, हिंदी या गुरुमुखी पंजाबी) में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करें। संगठन ने इसे अपनी मातृभाषा को मजबूत करने और राष्ट्रीयता का प्रतीक बताया है।
दिल्ली विधानसभा के लिए चुने गए अधिकतर विधायक हिंदीभाषी हैं, जबकि कई विधायक सिख हैं। विहिप के अनुसार, अपनी मातृभाषा में शपथ लेने से उसका सम्मान बढ़ेगा और यह लोगों में भारतीयता के बोध को बढ़ावा देगा। अब तक अनेक विधायक अंग्रेजी में शपथ ग्रहण करते रहे हैं।
विहिप ने कहा है कि दिल्ली की जनता ने आपको अपना प्रतिनिधि चुन करके भेजा है। दिल्ली की जनता ने आप पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। संगठन को आशा है कि विधायक जनता के इस प्रेम और विश्वास को संजोकर रखेंगे। विहिप ने उम्मीद जताई है कि नए विधायक जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
संगठन ने एक अपील जारी कर कहा कि इस कार्य काल का शुभारम्भ मांगलिक रीति नीति और शास्त्रीय विधि से होनी चाहिए। विहिप का मानना है कि मातृभाषा का सम्मान और प्रचार-प्रसार देश की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।