दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए सभी दल बढ़-चढ़ कर दावे कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच कांग्रेस ने ऐसी बड़ी घोषणा की है जो अपने आप में सबसे हटकर है। यदि पार्टी इस योजना को अपेक्षित मतदाता वर्ग के बीच पहुंचाने में सफल रही तो उसे इसका लाभ भी मिल सकता है। कांग्रेस ने दलित मतदाताओं को यह वादा किया है कि यदि वह सत्ता में आती है तो दलितों को चार धाम यात्रा कराएगी। इस चार धाम में अम्बेडकर की जन्मस्थली महू, गौतम बुद्ध की जन्मस्थली सारनाथ, बोधगया और रविदास की जन्म स्थली शामिल है।
कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक
कांग्रेस पार्टी अपने परंपरागत दलित मतदाताओं को एक बार फिर से अपने साथ लाने की पूरी कवायद कर रही है। इसके लिए वह अपने दलित समुदाय से आने वाले नेता मल्लिकार्जुन खरगे की विभिन्न स्थानों पर जनसभा कराने जा रही है तो इसी कड़ी में उसने दलित मतदाताओं को चार धाम यात्रा कराने का वादा कर दिया है। लोगों का मानना है कि इससे दलितों में कांग्रेस के लिए आकर्षण बढ़ सकता है।
पूर्व सांसद उदित राज का बयान
पूर्व सांसद डा. उदित राज ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने अब तक केवल दलित मतदाताओं का वोट लिया है, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया है। केजरीवाल ने पुजारियों-ग्रंथियों को हर महीने वेतन देने की बात कही है, लेकिन उसने बौद्ध धर्म के धर्म गुरुओं की अनदेखी है और उनके लिए कोई घोषणा नहीं की है। यही कारण है कि दलित समुदाय अब उनसे नाराज है और वह उनके पक्ष में नहीं वोट करेगा। उन्होंने कहा कि दलित मतदाताओं में कांग्रेस की जबरदस्त वापसी हो रही है। इससे पूरी दिल्ली की सियासत बदल जाएगी।