दिखाई दे रहा है असर
शाह के मैदान में उतरने का साफ असर दिखाई दे रहा है। भाजपा का मुख्य चुनावी मुद्दा अब शाहीन बाग में चल रहा महिलाओं का प्रदर्शन बन गया है। अपनी हर स्पीच में वह इसे राष्ट्रवाद से जोड़ रहे हैं। पहले दिल्ली में लोकप्रिय, आक्रामक और सधा चुनाव प्रचार कर रही आम आदमी पार्टी को अचानक रणनीति बदलनी पड़ी है। आप अब रक्षात्मक, शाह के हमले की जवाबी रणनीति को लेकर आगे बढ़ रही है। वहीं कांग्रेस पार्टी का चुनाव प्रचार अभियान बुरी तरह से लड़खड़ा गया है। चुनाव प्रचार के लिए केवल सात दिन बचे हैं और कांग्रेस के नेता अभियान को धार देने की तरकीब खोज रहे हैं।
क्यों इतनी अहम है दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी और शाह को दिल्ली की अहमियत का अंदाजा है। 2015 में आया दिल्ली विधानसभा चुनाव का नतीजा भी सालता है। पार्टी के एक पूर्व महासचिव का कहना है कि दिल्ली भले केंद्र शासित राज्य हो, लेकिन यहा दूसरे दल की सरकार चेहरे पर दाग की तरह है। दूसरे 2018 मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने बहुमत खोया। सरकार बनाने से रह गयी। महाराष्ट्र में सरकार बनाने से चूक गई। हरियाणा में जजपा के साथ गठबंधन करना पड़ा। झारखंड में भी पार्टी को सरकार बनाने लायक जनसमर्थन नहीं मिला। जबकि इन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार थी। लिहाजा अमित शाह दिल्ली जीतकर देश के भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं, मतदाताओं को सकरात्मक संदेश देना चाहते हैं।