दिल्ली की एक विशेष अदालत ने एक प्राइवेट एयरलाइन कंपनी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में कुछ बैंक अधिकारियों को क्लीन चिट देने पर सीबीआई की खिंचाई की है। मामले के अनुसार पैरामाउंट एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) ने मिलकर सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों को कथित रूप से 442 करोड़ रुपये का चूना लगाया था।
अदालत ने कहा कि बैंक अधिकारियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत होने के बावजूद जांच अधिकारी ने उन्हें क्लीनचिट दी। विशेष न्यायाधीश कामिनी लॉ ने कहा कि पीएपीएल पर बीमा कंपनी की नवंबर 2010 की जांच रिपोर्ट दर्शाती है कि विभिन्न बैंकों द्वारा कथित रूप से दावा की गई राशि 441.30 करोड़ रुपये है, प्रथम दृष्टया बैंकरों की संलिप्तता जान पड़ती है।
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सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार पैरामाउंट एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड (पीएपीएल), उसके प्रबंध निदेशक एम त्यागराजन, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के तत्कालीन सीएमडी एम रामदास तथा तीन अन्य अधिकारियों पर सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों और बीमा कंपनी को गलत तरीके से पांच करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। एयरलाइन की भुगतान त्रुटि बीमा कंपनी पर 442 करोड़ रुपये का दावा किया गया।