सबसे पहले तो मैं सोनिया गांधी जी को धन्यवाद कहना चाहूंगा कि उन्होंने मुझे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। मैं उनके भरोसे पर पूरा खरा उतरने की कोशिश करूंगा। दूसरी बात, किसी के चयन के पहले थोड़ी-बहुत चीजें हर पार्टी में हर जगह होती हैं। लेकिन चयन के बाद सभी साथ आकर पार्टी के लिए काम करते हैं। मुझे सबका साथ मिल रहा है, आप देख रहे हैं कि किस प्रकार कांग्रेस कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि मैं इन कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कांग्रेस को मजबूत बनाने में सफल रहूंगा।
मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझे जितना सम्मान दिया, उतना सम्मान भाजपा ने मुझे 25 साल में कभी नहीं दिया। मैंने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज 400 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था। लेकिन मेरे उस सच को दबाने की कोशिश की गई। ऐसे में मैं और समझौता नहीं कर सकता था। अगर मैं समझौता करना चाहता तो अभी भी वहां बना रह सकता था। लेकिन मैं भ्रष्टाचार के सामने झुकने वालों में से नहीं हूं। यही वजह है कि अपना सच और अपनी आत्मा जिंदा रखने के लिए मुझे अलग राह अपनानी पड़ी। आज मैं कह सकता हूं कि मेरा फैसला बेहद सही था। मैं कांग्रेस में आकर बेहद खुश हूं।
देखिए, मैं एक विश्व स्तर की टीम का खिलाड़ी रहा हूं। मैं जूझना जानता हूं। हारना मैंने सीखा नहीं और हार भी गया तो उठकर फिर लड़ना जानता हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत बनाने में सफल रहेंगे और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाएंगे।
आज दिल्ली में पूर्वांचल के लोगों की जो भी मजबूत स्थिति है, वह शीला दीक्षित जी के कारण है। उन्होंने उनके लिए सब कुछ किया। अब हम उनके मुद्दे उठाएंगे, टिकटों में पूर्वांचल के लोगों को पर्याप्त भागीदारी देंगे और पूरे समाज को खुद से जोड़ेंगे। मैं एक विशेष योजना बनाकर सबसे मिलने की योजना बना रहा हूं। जबकि, भाजपा नेता विजय गोयल 2013 में ही कह चुके हैं कि यूपी-बिहार से आने वाले छात्रों के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिलता। मनोज तिवारी कहते हैं कि बाहरी लोगों के कारण दिल्ली में अपराध होता है। क्या उन्हें पूर्वांचली अपराधी नजर आते हैं?
अरविंद केजरीवाल ने पांच साल तक कहा कि केंद्र उसे काम नहीं करने दे रहा है। आज अचानक उनके कामों में कोई अड़चन नहीं आ रही है। क्या कारण है? क्या ये उनकी और भाजपा की कोई सांठगांठ है? केजरीवाल जिस तरह कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा के साथ साजिश कर रहे हैं, हम जनता के सामने उनकी पोल खोल करेंगे। दोनों दलों की नूरा-कुश्ती जनता के सामने लाएंगे।
देश बांटने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। अगर बाहरी लोगों का मुद्दा उठाएंगे तो इसमें हम सब आएंगे- मनोज तिवारी भी बाहरी हैं, अरविंद केजरीवाल भी बाहरी हैं, कीर्ति आजाद भी बाहरी हैं और आप भी बाहरी हैं। ऐसे कैसे काम चलेगा? सबको साथ में लेकर चलने का वक्त है। बांटने की राजनीति बंद होनी चाहिए।
हम अपना काम करने जा रहे हैं। देश को जोड़ने की राजनीति एक बार फिर देश में लाने जा रहे हैं। बांटने वालों को सबक सिखाना जरुरी हो गया है। झूठ की राजनीति करने वालों को रोकना होगा। पूरे देश में एक बार फिर कांग्रेस की स्वीकार्यता बढ़ रही है। दिल्ली की जनता भी उसी क्रम में कांग्रेस को जीत दिलाएगी ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।