द कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जोरदार हंगामा हुआ है। सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दिल्ली पुलिस ने सीएम आवास के मुख्य गेट पर लगे बैरिकेड तोड़ने के आरोप में 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की छानबीन के बाद आरोपियों पर केस दर्ज हो सकता है।
दूसरी तरफ, इस मामले में राजनीतिक बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेसवार्ता में आरोप लगा दिया कि भाजपा के गुंडे, केजरीवाल की जान लेना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस खुद उन गुंडों को सीएम आवास पर लेकर गई थी। इस मामले में एक 'बिकाऊ इंटरव्यू' का जिक्र भी हुआ है।
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, दर्ज हो सकती है एफआईआर, केजरीवाल की जान को खतरा, भाजपा झूठ नहीं बोलने दे रही, ज्यादा देर झूठ नहीं बोला तो मर भी सकता हैं केजरीवाल। इसके बाद भाजपा के सांसद एवं पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अपने ट्वीट में केजरीवाल बाबत कहा, नमस्ते दिल्ली, कश्मीरी हिंदुओं का अपमान करके मैं बुरी तरह फंस चुका हूं। लाख कोशिशों और बिकाऊ इंटरव्यू के बाद भी हालात काबू में नहीं आ रहे। अब एक ही रास्ता है, विक्टिम कार्ड। भाजपा मुझे जान से मार देना चाहती है। कृपया इसे फैलाने में मदद करें!। उन्होंने नीचे लिखा है आपका प्रचारमंत्री। बतौर गंभीर, कश्मीर फाइल्स के मुद्दे पर केजरीवाल ने साक्षात्कार दिया था। भाजपा ने केजरीवाल द्वारा कही गई बातों को झूठ का पुलिंदा बताया था।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस विवाद में कूद पड़े। उन्होंने ट्वीट में लिखा, पंजाब में आम आदमी पार्टी के हाथों करारी हार से भाजपा की बौखलाहट साफ दिख रही है। पुलिस की मौजूदगी में दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर पर हमला एक कायराना हरकत है। अब ये साफ हो चुका है कि भाजपा को सिर्फ आप और अरविंद केजरीवाल से डर लगता है। सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। सीएम आवास के बाहर तोड़फोड़ की गई। सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ दिया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा यह विरोध प्रदर्शन केजरीवाल द्वारा 'कश्मीर फाइल्स' को लेकर दिल्ली विधानसभा में दिए गए बयान के विरोध में हो रहा था।
उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कलसी के मुताबिक, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। सुबह करीब 11:30 बजे 200 प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे थे। दोपहर एक बजे कई प्रदर्शनकारी, मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगे बेरिकेड तोड़कर अंदर की तरफ दाखिल हो गए। उन्होंने मुख्य गेट को धक्का दिया। वहां पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री निवास के दरवाजे पर रंग फेंक दिया। जांच के बाद आरोपियों पर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।