17 साल की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष पुलिस अधिकारी पर लगाए आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा है। सीबीआई ने वर्तमान होमगार्ड महानिदेशक के खिलाफ वर्ष 2000 में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया था।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने जितेंद्र कुमार शर्मा को आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी कर दिया। सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर शर्मा पर आय से नौ लाख रुपये अधिक संपत्ति बरामद करने का दावा किया था। एजेंसी का आरोप था कि शर्मा ने उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त पर तैनाती के दौरान वर्ष 2000 तक आय से अधिक संपत्ति बनाई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि सीबीआई ने आरोपी के साथ-साथ उसकी पत्नी की आय को भी शामिल कर लिया था। उसकी पत्नी के द्वारा खरीदे घरेलू सामान को एजेंसी ने आरेापी की संपत्ति मान लिया था। बचाव पक्ष ने कहा कि जिन सामान को एजेंसी ने आरोपी का बताया है वह ज्यादातर सामान उसकी पत्नी ने क्रेडिट कार्ड से खरीदा था।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि एजेंसी द्वारा कपड़ों व खाने पर खर्च किए गए पैसे को केवल आरोपी की संपत्ति बताया जाना गलत है। कोई भी शख्स अपनी आय से 10 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित कर सकता है।