कितनी जगहों पर धमाकों की थी साजिश?
दिल्ली बम धमाके की जांच में पता चला है कि लगभग आठ संदिग्धों ने चार जगहों पर सिलसिलेवार विस्फोट करने की साजिश बनाई थी। आरोपियों की साजिश दो-दो के समूहों में चार शहरों में जाने की थी। प्रत्येक समूह अपने साथ कई आईईडी ले जाने वाला था। जांच में खुलासा हुआ है कि डॉक्टर उमर छह दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी पर दिल्ली में मुंबई के 2008 के 26/11 जैसे हमले को अंजाम देने की फिराक में था। इसीलिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक जमा किया गया था। एजेंसियों के मुताबिक, लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर उनके निशाने पर थे। देशभर में रेलवे स्टेशनों और शॉपिंग मॉल्स को भी निशाना बनाने की तैयारी थी।
ये भी पढ़ें-
NIA: अल कायदा से जुड़े आतंकियों की तलाश में एनआईए की पांच राज्यों में छापेमारी, रडार पर बांग्लादेशी
कैसे हुआ आतंकी मॉड्यूल की पूरी साजिश का खुलासा?
19 अक्तूबर 2025 को श्रीनगर से कोई 16-17 किलोमीटर दूर बनपोरा नौगाम इलाके में कुछ पोस्टर नजर आए। ये पोस्टर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के समर्थन में लगाए गए थे। पुलिस को जब इन पोस्टर्स की सूचना मिली तो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। यहीं से सफेदपोश आतंकी मॉडल की परतें खुलनी शुरू हुईं।
इन पोस्टर की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने कश्मीर के कुछ स्थानीय लोगों को पकड़ा। इनसे हुई पूछताछ में जम्मू कश्मीर पुलिस फरीदाबाद में रहने वाले कश्मीर के ही डॉ. मुजम्मिल तक पहुंची और फिर सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में काम करने वाले डॉ. आदिल तक पहुंची। डॉ. आदिल ने ही जैश के समर्थन में पोस्टर लगाए। संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मुजम्मिल के ठिकानों पर छापेमारी की और वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए। इस बरामदगी के बाद ही 10 नवंबर को लाल किले के पास कार में विस्फोट हुआ। जिसमें इनका साथी डॉ. उमर सवार था। 10 नवंबर को ही पुलिस ने मुजम्मिल की सहयोगी और कथित प्रेमिका डॉ. शाहीन सईद और उसके भाई परवेज को गिरफ्तार किया।