भाजपा संसदीय बोर्ड की मैराथन बैठक के बाद बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान विधान सभा के लिए नेता प्रतिपक्ष पद के चुनाव में जाने वाले केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी गई, जिनमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और थावरचंद गहलोत को भी जिम्मेदारी दी गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता वाली बैठक में पर्यवेक्षकों का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में किया गया। बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने बताया कि मध्य प्रदेश के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे, राजस्थान के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली और पार्टी उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना तथा छत्तीसगढ़ के लिए थावरचंद गहलोत और राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
सहस्त्रबुद्धे, खन्ना और जैन इन राज्यों के प्रभारी भी हैं। ग़ौरतलब है कि पार्टी ने हालिया विधानसभा चुनाव में ये तीनों राज्य कांग्रेस के हाथों गंवा दिए थे। हालांकि नड्डा ने यह भी बताया कि नेता प्रतिपक्ष का चयन करने के लिए राज्यों में पार्टी बैठकों की तारीखें अभी तक तय नहीं की गई हैं।
2019 चुनाव की कवायद
बता दें कि चुनावों के लिए भाजपा के अभियान का आगाज 11-12 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान से हो रहा है। यहां राष्ट्रीय परिषद की बैठक हो रही है। बताया जाता है कि यह अब तक की सबसे बड़ी राष्ट्रीय परिषद होगी जिसमें देशभर से लगभग दस हजार प्रमुख कार्यकर्ता जुटेंगे।
बैठक में पीएम मोदी का समापन भाषण होगा जिसमें वह मिशन 2019 के लिए पार्टी का मुख्य चुनावी नारा भी दे सकते हैं। यह पहली बार होगा जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को इतने वृहद रूप में आयोजित करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के प्रमुख नेता शिरकत करेंगे। इसके अलावा सांसद, विधायक तो इसमें होंगे ही, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।