दिल्ली नगर निगम चुनाव में हुई भाजपा की हार के बाद पार्टी ने प्रदेश की बागडोर वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) के हाथों में सौंप दी है। दिल्ली में अब पार्टी की प्राथमिकताएं क्या होंगी और विधानसभा-नगर निगम में वह किस तरह की भूमिका निभाने के लिए तैयार है, इस पर नवनियुक्त पार्टी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने हमारे संवाददाता से विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत है प्रमुख अंश-
प्रश्न- वीरेंद्र सचदेवा जी, पार्टी ने वर्किंग प्रेसिडेंट बनाकर आपको बड़ी जिम्मेदारी है। अब आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
उत्तर- मेरे जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को वर्किंग प्रेसीडेंट बनाकर पार्टी ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा जी को हृदय से धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूं। जहां तक प्राथमिकताओं की बात है, हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी गरीबों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। केंद्र सरकार की इन योजनाओं की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाना, हर उपयुक्त पात्र को इन योजनाओं का लाभ दिलाना, हमारे हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। हम दिल्ली विधानसभा और नगर निगम में भी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे और दिल्ली की जनता के हित में योजनाओं को लागू कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे।
प्रश्न- भाजपा दिल्ली नगर निगम में 15 साल से काबिज थी। आपको क्या लगता है, भाजपा को इस चुनाव में हार का सामना क्यों करना पड़ा?
उत्तर- देखिए, पिछले नगर निगम चुनाव में हमें 36 फीसदी वोट मिला था। इस बार हमें 39 फीसदी से ज्यादा वोटों के साथ 104 सीटों पर सफलता मिली है। क्या आप इसे हार कहेंगे? हमारे वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी यह बताती है कि जनता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण हमारी लोकप्रियता बढ़ी है। हम कुछ सीटों से जरूर पीछे रह गए। लेकिन इसके लिए पूरी तरह दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। एक साजिश के अंतर्गत हमारे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटवाए गए जिसके कारण हमें कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
और हम यह बात हवा में नहीं कह रहे हैं। हमारे पास इसके पर्याप्त प्रमाण हैं। उदाहरण के लिए मैं आपको बताता हूं। वार्ड नं 235 में 9600 मतदाताओं के नाम कटवाए गए, जबकि इस सीट पर हमारे उम्मीदवार की हार केवल 1948 वोटों से हुई है। इसी प्रकार उत्तर-पूर्व, पश्चिम और दक्षिण के वार्डों और पांडव नगर में भारी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। क्या यह इस बात का प्रमाण नहीं है कि केजरीवाल सरकार ने जीत के लिए बड़े पैमाने पर साजिश रची गई?
प्रश्न- चुनाव कराना तो चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बनती है। इसके किसी कार्य के लिए आप दिल्ली सरकार को जिम्मेदार कैसे ठहराएंगे?
उत्तर- चुनाव आयोग चुनाव को संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार से कर्मचारियों की मांग करता है। दिल्ली सरकार ने जो बीएलओ उपलब्ध कराए हैं, उन्हें लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं। हम जल्द ही इस साजिश का खुलासा करेंगे।
प्रश्न- यदि ये आरोप सही हैं तो क्या आप इस पर कोई एक्शन लेंगे?
उत्तर- अभी हम अपने कार्यकर्ताओं के जरिए दिल्ली के सभी 250 वार्डों से आंकड़े इकट्ठे कर रहे हैं। जिनके नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं, हम उनसे भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। एक-दो दिन में हमारे पास सभी आंकड़े आ जाएंगे। इसके बाद हम बड़ा खुलासा करेंगे। पार्टी के शीर्ष नेताओं, कार्यकर्ताओं और कानूनविदों से परामर्श कर हम निर्णय लेंगे कि इस पर क्या कार्रवाई करनी है।
प्रश्न- भाजपा ने पूरे चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा जमकर उठाया, लेकिन इसके बाद भी आम आदमी पार्टी सरकार बनाने में सफल रही। क्या कहेंगे?
उत्तर- बिल्कुल, हमने अरविंद केजरीवाल सरकार और उनके नेताओं के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा पूरी जोरशोर के साथ जनता की अदालत में रखा। चुनाव के परिणाम बताते हैं कि जनता ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मतदान किया और दिल्ली सरकार के बड़े चेहरे मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और कैलाश गहलोत की विधानसभाओं में आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई। आम आदमी पार्टी के निगम चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक तक की विधानसभा में आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई। भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान करके जनता ने बता दिया है कि अरविंद केजरीवाल की झूठ की राजनीति के दिन अब खत्म होने वाले हैं।
प्रश्न- इस बार भाजपा को झुग्गी-झोपड़ी वाली बस्तियों से भी खूब वोट मिले हैं। इसका क्या कारण है?
उत्तर- इसका केवल एक ही कारण है- केंद्र सरकार की नीतियों के कारण जनता के बीच भाजपा के प्रति बढ़ता विश्वास। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के 3026 झुग्गी-झोपड़ी वालों को पक्का मकान बनाकर दे दिया। इससे उनका यह विश्वास मजबूत हुआ है कि यदि उनकी जिंदगी बदलने के लिए कोई काम कर रहा है, तो वो नरेंद्र मोदी ही हैं। जबकि दूसरे लोग मुफ्त की रेवड़ियां दिखाकर केवल उनका वोट हासिल करना चाहते हैं। इसी का परिणाम हुआ है कि पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार, सभापुर, भजनपुरा, गीता कॉलोनी, नारायणा, संगम विहार और बुराड़ी की हर झुग्गी-झोपड़ी वाली एरिया में भाजपा को जबरदस्त जीत हासिल हुई है। हम जनता के विश्वास पर खरे उतरेंगे। दिल्ली में लगभग 26 हजार मकान बनकर तैयार हो रहे हैं। जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी उन सबको पक्के मकान की चाबी सौंपेंगे।
प्रश्न- आम आदमी पार्टी पूरे चुनाव में यह आरोप लगाती रही कि भाजपा ने दिल्ली में साफ-सफाई का काम नहीं किया। आप क्या कहेंगे?
उत्तर- AAP का ये आरोप पूरी तरह निराधार है। सच्चाई यह है कि हमारे द्वारा लगाई गई मशीनों से ही गाजीपुर लैंड फिल साइट पर कचरे का निष्पादन लगातार किया जा रहा है और इसके कारण कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई 20 फीट कम हुई है। आज दिल्ली के किसी कोने की किसी एक भी गली से इस बात की शिकायत नहीं मिलती कि उनके यहां कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आ रही है। कोरोना काल में इन्हीं निगम कर्मचारियों के द्वारा हमने एक-एक घर से कूड़ा उठवाने का इंतजाम किया था। क्या निगम कर्मचारियों के कोरोना काल के दौरान की गई महान सेवा से कोई इनकार कर सकता है? लेकिन केजरीवाल यह दावा करते रहे हैं कि वे एक साल में कूड़ा खत्म कर देंगे। अब वे करके दिखाएं। सच्चाई यह है कि पंजाब में इसी तरह के 17 कूड़े के पहाड़ हैं। आम आदमी पार्टी आज तक वहां ऐसा कोई काम नहीं कर पाई। केजरीवाल के झूठ का पर्दाफाश होगा।
प्रश्न- क्या आप नगर निगम में अपना मेयर बनाने की कोशिश करेंगे?
उत्तर- दिल्ली की जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है। हम जनता के आदेश का पालन करेंगे और दिल्ली के विकास में हर संभव सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। जनता ने आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने का आदेश दिया है, वे अपना कर्तव्य निभाएं। यदि सरकार कहीं भी गलती करती दिखाई पड़ी तो हम जनता के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।