दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों की बात करें तो अब तक चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा 67.12% मतदान 2015 के विधानसभा चुनाव में हुआ था। 1998 के विधानसभा चुनाव में सबसे कम 48.99% वोट पड़े थे। 2015 के मुकाबले 2020 में करीब पांच फीसदी मतदान घट गया था। 1998, 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों को छोड़कर हर बार मतदान का प्रतिशत 60 फीसदी से ज्यादा रहा है।
13,033 मतदान केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट
इस विधानसभा चुनाव में दिल्ली की नई सरकार चुनने के लिए 1,56,14,000 मतदाता पात्र हैं। इनमें से 83,76,173 पुरुष और 72,36,560 महिला मतदाता हैं। अन्य मतदाताओं की संख्या 1,267 है। ये सभी राजधानी के 70 जनप्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए अलग-अलग मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। इस बार कुल 13,033 मतदान केंद्रों वोटिंग की व्यवस्था की गई है।