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Adarsh Nagar Seat: तीन बार कांग्रेस, दो बार भाजपा और दो बार आप को मिली आदर्श नगर से जीत, इस बार ऐसे हैं समीकरण

Thu, 16 Jan 2025 06:07 AM IST
संध्या इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

Adarsh Nagar Seat: दिल्ली में विधानसभा की तारीखें काफी पास आ चुकी हैं। इसी कड़ी में सभी सीटों पर पार्टियां काफी तेजी से चुनावों का तैयारी कर रही है। आदर्श नगर सीट भी इनमें से एक है। आप, कांग्रेस और भाजपा तीनों से इस सीट से अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। चलिए जानते है क्या है इस सीट का चुनावी इतिहास

 

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दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजधानी में सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में लगी हैं। प्रत्याशियों का नामांकन भी जारी है। कई प्रत्याशियों ने नामांकन कर दिया है तो कई करने वाले हैं। आदर्श नगर विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। 2020 में यहां से आम आदमी पार्टी को जीत मिली थी। इस बार पार्टी ने मौजूदा विधायक पवन कुमार शर्मा का टिकट काटकर मुकेश गोयल को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस से शिवांक सिंघल तो भाजपा से राज कुमार भाटिया मैदान में हैं। 

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आदर्श मगर सीट पर कब कौन जीता? कब कितने वोट पड़े? पिछले चुनाव में कैसे नतीजे रहे थे? इस बार कैसा मुकाबला है? आइये जानते हैं…

दिल्ली को विधानसभा मिलने की ऐसी है कहानी
दिल्ली को विधानसभा कैसे मिली, इसकी कहानी 1952 से शुरू हुई। 1952 पार्ट-सी राज्य के रूप में दिल्ली को एक विधानसभा दी गई। 1956 में उस विधानसभा को भंग कर दिया गया। 1966 में दिल्ली को एक महानगर परिषद दी गई। 

दिल्ली राज्य विधानसभा 17 मार्च 1952 को पार्ट-सी राज्य सरकार अधिनियम, 1951 के तहत अस्तित्व में आई। 1952 की विधानसभा में 48 सदस्य थे। मुख्य आयुक्त को उनके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद का प्रावधान था, जिसके संबंध में राज्य विधानसभा को कानून बनाने की शक्ति दी गई थी। 

राज्य पुनर्गठन आयोग (1955) की सिफारिशों के बाद दिल्ली 1 नवंबर 1956 से भाग-सी राज्य नहीं रही। दिल्ली विधानसभा और मंत्रिपरिषद को समाप्त कर दिया गया और दिल्ली राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष प्रशासन के तहत केंद्र शासित प्रदेश बन गया। दिल्ली में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और उत्तरदायी प्रशासन की मांग उठने लगी। इसके बाद दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1966 के तहत महानगर परिषद बनाई गई। यह एक सदनीय लोकतांत्रिक निकाय था जिसमें 56 निर्वाचित सदस्य और 5 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य होते थे।

इसके बाद भी विधानसभा की मांग उठती रही। 24 दिसंबर 1987 को भारत सरकार ने सरकारिया समिति (जिसे बाद में बालकृष्णन समिति कहा गया) नियुक्त की। समिति ने 14 दिसंबर 1989 को अपनी रिपोर्ट पेश की और सिफारिश की कि दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बना रहना चाहिए, लेकिन आम आदमी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए अच्छी शक्तियों के साथ एक विधानसभा दी जानी चाहिए। बालाकृष्णन समिति की सिफारिश के अनुसार, संसद ने संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 पारित किया, जिसने संविधान में नए अनुच्छेद 239AA और 239AB डाले, जो अन्य बातों के साथ-साथ दिल्ली के लिए एक विधानसभा की व्यवस्था करते हैं। लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि के मुद्दों पर विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार नहीं था। 1992 में परिसीमन के बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा के चुनाव बाद दिल्ली को एक निर्वाचित विधानसभा और विधायक मिला। 

कैसे रहा आदर्श नगर में चुनावों का इतिहास?
आदर्श नगर सीट पर पहला चुनाव साल 1993 में हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। नतीजा भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उतरे जय प्रकाश यादव के पक्ष में गया। उन्होंने कांग्रेस के मंगत राम को महज 40 वोट से शिकस्त दी। 1993 के चुनाव में आदर्श नगर सीट से 20 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार को छोड़कर सभी की जमानत जब्त हो गई थी। 15 उम्मीदवार तो ऐसे थे जिन्हें हजार वोट भी नहीं मिले थे। 

दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

कांग्रेस के मंगत राम ने लिया 1993 की हार का बदला
1998 के चुनावों में भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच में ही था। लेकिन इस बार जीत पिछली बार के चुनावों में केवल 40 वोटों से हारने वाले मंगत राम के पक्ष में रहा। कांग्रेस के मंगत राम ने भाजपा के जय प्रकाश यादव को 19,518 वोटों से हरा दिया था। 1993 की तरह इस बार भी भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवार को छोड़कर अन्य सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 

2003 में कांग्रेस ने बरकरार रखा जीत का सिलसिला
इस चुनाव में आदर्श नगर के नतीजे में कुछ नहीं बदला। कांग्रेस के विधायक मंगत राम ने एक और सफलता के साथ यहां लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। मंगत राम ने भाजपा उम्मीदवार रविंदर सिंह को 9332 मत से शिकस्त दी।

2008 में मंगत राम तीसरी बार विधायक
परिसीमन के बाद आदर्श नगर विधानसभा नए रूप में अस्तित्व में आई। हालांकि, चुनावी नतीजा लगातार तीसरी बार मंगत राम के पक्ष में रहा। कांग्रेस के मंगत राम ने भाजपा के रविन्द्र सिंह (खुराना) को 4,512 वोट से हराया। 

दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

2013: भाजपा-आप में हुआ मुकाबला 
दिल्ली की राजनीति के लिए साल 2013 एक अहम कड़ी साबित हुआ। इस चुनाव में मुकाबले में कांग्रेस-भाजपा के अलावा भ्रष्टाचार आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी भी थी। आदर्श नगर विधानसभा सीट पर मुकाबला पिछले चुनावों से अलग रहा। चुनाव नतीजे आए तो भाजपा को जीत मिली लेकिन उसे चुनौती नई आम आदमी पार्टी से मिली। 2013 के चुनावों के नतीजों में भाजपा के राम किशन सिंघल ने आप के जगदीप राणा को 9,923 वोटों से हराया। 

2015: आप को मिली पहली सफलता
2015 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव करवाने पड़े। 2014 में मात्र 49 दिन सरकार चलाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2014 में जब लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो पाया तो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 2015 में फिर से चुनाव कराए गए और केजरीवाल ने 70 में से 67 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। इस चुनाव में आदर्श नगर सीट पर आप और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। नतीजा आम आदमी पार्टी के पवन कुमार शर्मा के पक्ष में गया। पवन कुमार शर्मा ने 20,741 वोट के अंतर से चुनाव जीतकर यहां आप का खाता खोला। आप उम्मीदवार को 54,026 वोट मिले, जबकि भाजपा  राम किशन सिंघल  33,285 वोट हासिल करके दूसरे स्थान पर रहे। 

2020: आप के पवन कुमार शर्मा दूसरी बार जीते
2020 के विधानसभा चुनाव में आप आदमी पार्टी ने फिर जबरदस्त जनादेश हासिल किया। आप को 70 में से कुल 62 सीटों पर जीत मिली। आदर्श नगर के नतीजों की बात करें तो यहां से आप के पवन कुमार शर्मा को एक बार फिर जीत मिली। हालांकि, जीत पिछली बार जितनी बड़ी नहीं थी। आप नेता पवन कुमार शर्मा ने भाजपा के राज कुमार भाटिया को 1,589 वोट से हराया था। पवन शर्मा को 46,892 वोट मिले। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे राज कुमार भाटिया को 45,303 वोट मिले। 


 
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अबकी बार कैसे हैं समीकरण? 
2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने आदर्श नगर सीट से मुकेश गोयल को आदर्श नगर से टिकट दिया है। मुकेश गोयल छह बार पार्षद रह चुके हैं। 2022 में वे पहली बार आप की टिकट पर पार्षद बने थे। पर इससे पहले वह पांच बार लगातार कांग्रेस की टिकट पर पार्षद चुने जा चुके हैं। 2021 में मुकेश गोयल आप में शामिल हुए थे। कांग्रेस ने शिवांक सिंघल को टिकट दिया गया है।  शिवांक सिंघल आदर्श नगर सीट से 1998, 2003 और 2008 में तीन बार के विघायक रहें मंगत राम के पोते हैं। भाजपा नें यहा से राज कुमार भाटिया को टिकट दिया है जो भाजपा दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। 



 
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