देश की राजधानी दिल्ली की बड़ी आबादी इस समय पानी का घोर संकट झेल रही है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड राजधानी की 1650 अवैध कॉलोनियों में से केवल 1153 में साफ पानी पहुंचाने का काम कर पा रही है। यानी दिल्ली की 497 कालोनियां ऐसी हैं जहां पेयजल नहीं पहुंच रहा है और पानी के लिए लोगों को टैंकर माफियाओं के सहारे रहना पड़ रहा है।
जल माफिया एक टैंकर के लगभग 600 रुपये प्रति टैंकर से लेकर एक हजार रुपये प्रति टैंकर तक की वसूली कर रहे हैं और करोड़ों की काली कमाई कर रहे हैं। दिल्ली भाजपा का आरोप है कि सरकार की उदासीनता के कारण यह खेल लगातार जारी है और लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। पार्टी का वायदा है कि अगर वह दिल्ली की सत्ता में आती है तो चार साल के अंदर पूरी दिल्ली को नल के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जल के संकट के लिए अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार बताया और कहा कि दिल्ली को अपनी जरुरतों के लिए रोजाना 1140 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) पानी की जरुरत होती है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड केवल 936 एमजीडी पानी की सप्लाई कर पाता है।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सत्ता पाने से पहले लोगों को फ्री पानी देने का वायदा किया था। लेकिन उन्होंने लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए कोई काम नहीं किया और हाई प्रोफाइल कालोनियों के साथ-साथ अवैध कालोनियों में भी जल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। तिवारी के मुताबिक, अगर भाजपा दिल्ली की सत्ता में आती है तो चार साल के अंदर पूरी दिल्ली को नल के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।