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दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सुधार के दावे खोखले, बीते साल 433 नवजातों की इन बीमारियों से हुई मौत

Mon, 05 Feb 2018 04:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बीते साल दिल्ली में 433 नवजात बच्चों की मौत ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा में सुधार के दावे की पोल खोल दी है। बीते साल दिल्ली की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिटों’ (एसएनसीयू) में हुई इन मौत का खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ है। इस सूचना से स्वास्थ्य सेवा में दिल्ली सरकार के सुधार के दावे की पोल खुल गई है।

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राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों के पीछे की वजह में बताया गया कि ज्यादातर बच्चों की मौत की मुख्य वजह खून में इन्फेक्शन, निमोनिया और मैनिन्जाइटिस को बताया है। 

दिल्ली सरकार के 16 एसएनसीयू में बीते साल जनवरी से जून तक कुल 8,329 नवजात भर्ती हुए थे जिनमें 5,068 लड़के तो वहीं 3,787 लड़कियां थीं।
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सामाजिक कार्यकर्ता युसूफ नकी की तरफ से दायर आरटीआई के जवाब में विभाग ने बताया कि '116 शिशुओं की मौत निमोनिया और मैनिन्जाइटिस से, 109 नवजात की मौत सांस की बीमारियों की वजह से हुई। 105 की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई जबकि 55 की मौत मेकोनिया एस्पिरेशन सिंड्रोम से हुई। यही नहीं 86 की मौत की वजह समय से पहले जन्म लेना थी। जन्म के दोषों के कारण 36 नवजात शिशुओं की मृत्यु हुई तो वहीं 22 बच्चों की मौत की वजह का पता नहीं चल  सका है।
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वहीं 2 बच्चों की मौत की वजह की विभाग कोई जानकारी नहीं दे सका। बता दें कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवा में सुधार के कई दावे किए गए हैं। दिल्ली सरकार ने अपने बजट में भी स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए जोर दिया था। ऐसे में इस खुलासे ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है।

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