प्रवासी भारतीय सम्मेलन के जरिए कुंभ को सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति दिला चुकी है। संभवतः इसी सफलता से उत्साहित आईसीसीआर ने 195 देशों के जनप्रतिनिधियों को कुंभ दर्शन कराने का न्योता दिया है। ये सभी प्रतिनिधि 21 फरवरी को भारत आएंगे और 22 फरवरी को उन्हें प्रयागराज ले जाकर कुंभ का अद्भुत दर्शन कराया जाएगा और शाम को यह टीम दिल्ली वापस लौट आएगी।
पूरे कार्यक्रम की देखरेख कर रहे विनय सहस्रबुद्धे ने अमर उजाला से कहा कि कुंभ के आयोजन के कारण पूरी दुनिया में भारत की सराहना हुई है। इतने बड़े आयोजन को बिना किसी बड़ी परेशानी के आयोजित कराना एक कठिन काम है, लेकिन हमने यह करके दिखाया है।
यही कारण है कि वे इसके माध्यम से भारत की क्षमता पूरी दुनिया को दिखाना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने इस कार्यक्रम को आयोजित किया है। सहस्रबुद्धे ने कहा कि दुनिया के सभी 195 देशों के विशिष्ट प्रतिनिधियों को कुंभ दर्शन का न्योता भेजा गया है। यह न्योता विदेशों में स्थित दूतावासों के जरिये भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि 21 फरवरी को सभी विदेशी प्रतिनिधि आएंगे और 22 फरवरी को उन्हें कुंभ दर्शन कराया जाएगा। जो प्रतिनिधि स्नान करना चाहेंगे, उन्हें स्नान का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद 23 फरवरी की सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी विदेशी प्रतिनिधियों के साथ नाश्ता करेंगे और इसके साथ भारत के विकास पर बात करेंगे। इसके बाद 23 फरवरी को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ विदेशी प्रतिनिधि रात्रि का भोजन करेंगे।
महाराष्ट्र से भाजपा के राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाने का काम किया है। भारत के संबंध पूरी दुनिया के ताकतवर देशों के साथ मधुर हुए हैं। पीएम मोदी के पहले किसी प्रधानमंत्री ने इजरायल और फिलिस्तीन दोनों देशों की यात्रा करने की कोशिश नहीं की थी। लोगों को यह लगता था कि अगर वे ऐसा करेंगे तो भारत का मान कम हो जाएगा। लेकिन पीएम मोदी ने दोनों देशों से भारत का संबंध मधुर बनाने में सफलता पाई।