रक्षा क्षेत्र से जुड़ी सार्वजनिक कंपनी जीआरएसई ने नौसेना को आठवां विमान वाहक पोत सौंप दिया। इससे देश की सेना को बल मिलेगा। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सेवानिवृत्त रियर एडमिरल वीके सक्सेना ने कहा कि इस पोत को अंडमान निकोबार के द्वीप के रणनीतिक ठिकाने पर तैनात किया जाएगा, जो कि दक्षिण चीन सागर की ओर जाने वाले विभिन्न समुद्री मार्गों के पास है।
उन्होंने कहा कि इस पोत को इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि बेहद कठिन समुद्री इलाके में भी इस पर विमानों की लैंडिंग हो सके। सक्सेना ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन की चुनौतियों के बावजूद कोलकाता स्थित कंपनी गार्डेन रिसर्च शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने नौसेना को अंतिम और आठवां पोत सफलतापूर्वक सुपुर्द कर दिया।
यह लैंडिंग क्राफ्ट युटिलिटी पोत अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और कंपनी ने इसे 90 फीसदी स्वदेशी पार्ट से तैयार किया है। उन्होंने कहा कि जवानों के अलावा, प्रत्येक पोत में मुख्य युद्धक टैंक, निजी और सैन्य वाहनों को समाहित किया जा सकता है