रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने कहा, अगले 4-5 साल में देश के रक्षा निर्यातों में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। भारतीय सैन्य बलों के पास बड़ी मात्रा में स्वदेशी साजोसामान है।
रेड्डी ने कहा, हमने अपनी हर परियोजना में विकास और निर्माण के लिए उद्योगों को भागीदार बनने का न्योता दिया है। यहां तक कि मिसाइल प्रणाली जैसे अहम क्षेत्रों को भी निजी कंपनियों के लिए खोला है।
हाल ही में सरकार ने आकाश मिसाइल को दुनिया के दूसरे देशों को निर्यात किए जाने की मंजूरी दी है। 30 दिसंबर, 2020 को सरकार ने स्वदेश निर्मित सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात किए जाने पर मुहर लगाई।
रक्षा मंत्रालय ने अगले पांच साल में रक्षा विनिर्माण में 1.75 लाख करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य रखा है। इसमें 35,000 करोड़ रुपये मूल्य के सैन्य हार्डवेयर के निर्यात का भी लक्ष्य शामिल है।