रक्षा क्षेत्र के करीब 62 हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जिसमें केंद्र सरकार ने उनके लिए रिटायरमेंट तक मानित प्रतिनियुक्ति जारी रखने की मंजूरी दे दी है। नए डीपीएसयू ढांचे के तहत सेवा शर्तें, वेतन और सुविधाएं पहले की तरह केंद्र सरकार के नियमों के दायरे में ही बनी रहेंगी। पढ़िए रिपोर्ट-
रक्षा क्षेत्र में पूर्व के आयुध निर्माणी बोर्ड के तहत आने वाले आयुध कारखानों (अब डीपीएसयू के तहत सात कंपनियां) के 62 हजार कर्मचारियों को बड़ी जीत हासिल हुई है।
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केंद्र ने उनके लिए रिटायरमेंट तक मानित प्रतिनियुक्ति जारी रखने को मंजूरी दे दी है। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ के महासचिव सी श्रीकुमार ने बताया, रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मियों की मांग थी कि वे नवगठित रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) में शामिल नहीं होना चाहते। फिर भी डीपीएसयू में जबरन प्रतिनियुक्ति पर रखा जा रहा है। रक्षा असैन्य कर्मचारी संगठनों की मांग थी कि नए निगमों में केंद्रीय कर्मचारी के रूप में बने रहने की अनुमति मिल सके। इन कर्मियों को 'सामान्य समावेशन पैकेज' का प्रस्ताव दिया जाएगा।
केंद्र के नियमों के दायरे में रहेंगे
रक्षा मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि मानित प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारी, केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होने वाले सभी मौजूदा नियमों, विनियमों और आदेशों के दायरे में बने रहेंगे। इनमें वेतनमान, भत्ते, छुट्टियां, चिकित्सा सुविधाएं, तरक्की और सेवा की अन्य सभी शर्तें शामिल हैं। सरकार ने मौजूदा मानित प्रतिनियुक्ति व्यवस्था को एक अक्तूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है।