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Rajnath Singh: रक्षा खरीद को मिलेगी रफ्तार, राजनाथ सिंह ने जारी किया डीएफपीडीएस-2026 का नया ढांचा

Thu, 04 Jun 2026 02:52 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीएफपीडीएस-2026 जारी किया। इसके तहत रक्षा खरीद और परियोजनाओं के लिए वित्तीय शक्तियां बढ़ाई गई हैं। नई व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया तेज होगी, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता मजबूत होगी। 

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रक्षा सेवाओं के लिए वित्तीय शक्तियों के नया ढांचा जारी - फोटो : एक्स अकाउंट
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज रक्षा सेवाओं के लिए वित्तीय शक्तियों के नए ढांचे (डीएफपीडीएस-2026) को जारी किया। इसके तहत राजस्व मद से होने वाली रक्षा खरीद के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय शक्तियां दी गई हैं।

राजनाथ सिंह ने इस पहल के लिए रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे रक्षा खरीद प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था से फील्ड कमांडरों को अधिक अधिकार मिलेंगे। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और सैन्य तैयारियां मजबूत होंगी।

उन्होंने कहा कि यह ढांचा रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा। साथ ही विदेशी उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा। निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई की भागीदारी भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि निर्माण और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तीय शक्तियों को दोगुना कर दिया गया है। इससे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी वित्तीय शक्तियों में भी 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करना है। नई व्यवस्था के तहत मौजूदा बजट आवंटन के अनुसार 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रक्षा खरीद को गति मिलेगी।

सेना, वायुसेना और नौसेना के कमांडरों को दी गई विशेष वित्तीय शक्तियों में भी वृद्धि की गई है। तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुल वित्तीय सीमा को दोगुना किया गया है। नई व्यवस्था में संयुक्त सैन्य खरीद को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। प्रमुख सेवा के माध्यम से होने वाली संयुक्त खरीद के लिए अधिक वित्तीय अधिकार दिए गए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्तीय शक्तियों की अंतिम अधिसूचना वर्ष 2021 में जारी की गई थी। इसके बाद बलों के विस्तार, बढ़ते परिचालन खर्च और बजटीय आवंटन में वृद्धि को देखते हुए संशोधन आवश्यक हो गया था। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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