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अमेरिका से 145 हॉवित्जर तोप खरीदेगा भारत, प्रस्ताव को मंजूरी

Sat, 25 Jun 2016 10:23 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
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स्वदेशी 18 धुनष तोपों के उत्पाद के प्रस्ताव को भी मिली मंजूरी
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रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका से 75 करोड़ डॉलर के 145 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 18 धनुष तोपों के उत्पादन के प्रस्ताव को भी मंजूर किया गया।  बोफोर्स सौदे के समय से तीन दशक के बाद तोपों की यह पहली खरीद होगी। रक्षा मंत्री मनोहर परिकर की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद 28 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों जिसमें नई योजनाएं भी शामिल थीं, को चर्चा केबाद मंजूरी दे दी।
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‘बाय इंडियन’ श्रेणी के तहत 13 हजार 600 करोड़ रुपये के अगली पीढ़ी के मिसाइल वेसल्स तैयार करने के एक अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्टको एओएन (एक्सप्टेंस ऑफ नेसेसिटी) दिया गया। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने अमेरिका से विदेशी सैन्य खरीद के जरिये 145 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों के खरीद की चल रही प्रक्रिया को मंजूरी दी। इन हथियारों की आपूर्ति भारत में ही होगी जिससे परिवहन लागत कीपर्याप्त बचत होगी।

डीएसी ने इस हथियारों की आपूर्ति अवधि में भी कटौती की है। अधिकारी ने बताया कि भारत की ओर से लेटर ऑफ रिक्वेस्ट केजवाब में अमेरिका की ओर से लेटर ऑफ एक्सेपटेंस मिलने के बाद डीएसी ने नियम व शर्तों को देखने के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब इस पत्र कोअमेरिका भेजा जाएगा जिसके बाद पहली किस्त के भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी। डीएसी ने स्वदेशी धनुष तोपों के उत्पादन की संतोषजनक प्रगतिपर का भी उल्लेख किया।
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इस बीच डीएसी ने एसआरएसएएम और शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम की भी समीक्षा की। परिषद ने नौसेना डॉकयार्ड औरनौसेना विमान मरम्मत यार्ड के आधुनिकीकरण और मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए 386 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। बैठक में 15करोड़ रुपये के पांच डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट की खरीद की मंजूरी भी दी गई। डीएसी ने जागुआर विमान के स्वदेशी निर्मित सिमुलेटर खरीदने के लिए 500 करोड़ रुपये और स्वदेशी क्षमता के जरिये 1300 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रोनिक वारफेयर रेंज स्थापना को मंजूरी दी।
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Published By Rahul Sankrityayan
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